अभिमुखता अथवा परिचय मानव संसाधन के प्रबंधन की प्रक्रिया का पहले महत्वपूर्ण कदम है। इसमें, नियुक्त किए गए नए कर्मचारियों को संगठन में कार्य के परिवेश तथा उसके अलावा साथी कर्मचारियों से परिचित कराया जाता है। परिचय सामाजिक बनने की प्रक्रिया है जिसके द्वारा संगठन अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किसी व्यक्ति को अपना एजेंट बनाने का प्रयास करती है। नया कर्मचारी संगठन और उसकी नीतियों, नियमों और विनियमों से परिचित होना चाहिए। परिचय अथवा अभिमुखता कार्यक्रम निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने की दृष्टि से तैयार किया जाता है :-
- नए कर्मचारी का संगठन में और अपने आप में विश्वास स्थापित करना ताकि वह एक सक्षम कर्मचारी बन सके।
- संगठन में आने वाले नए कर्मचारियों के बीच संगठन के प्रति निष्ठा की अनुभूति विकसित करना।
- कर्मचारियों के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करना।
- यह सुनिश्चित करना कि नए कर्मचारियों में संगठन एवं अपने कार्य के प्रति कोई मिथ्या धारणा और नकारात्मक सोच विकसित न हो।
- कर्मचारियों को संगठन के बारे में आवश्यक सूचना जैसे कि सुविधाएं, नियम आदि, प्रदान करना।
सामान्यत: अभिमुखता की प्रक्रिया नए कर्मचारियों को फैक्टरी और कम्पनी के कार्यालयों में ले जाने से शुरू होती है। सुपरवाइज़र नए कर्मचारी का साथी कर्मचारियों से परिचय करता है और अन्य कर्मचारियों तथा संगठन के बारे में भी तत्काल जरूरी सूचना मुहैया कराता है ताकि वह नए वातावरण में सहज महसूस करे। आवश्यक सूचना और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए व्याख्यान तथा चर्चाओं की व्याख्या भी की जाती है। नए कर्मचारियों की अभिमुखता के लिए पुस्तिकाएं, नियमावलियां और पैम्फ्लेट भी प्रदान किए जाते हैं। नए कर्मचारियों को अभिमुखता प्रक्रिया के दौरान, प्रदान की गई सूचना में निम्नलिखित शामिल होते हैं :-
- कम्पनी का संक्षिप्त इतिहास;
- कम्पनी के कार्य और उत्पाद;
- कम्पनी की संगठनात्मक संरचना;
- विभागों का स्थान और कर्मचारी सुविधाएं;
- कार्मिक नितियां और प्रणालियां;
- नियम और विनिमय;
- कर्मचारी कार्यकलाप;
- शिकायत प्रक्रिया;
- सुरक्षा के उपाय;
- स्थाई आदेश।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम बहुत लम्बा नहीं होना चाहिए और यह जरूरी नहीं कि यह कर्मचारी को उसी दिन दिया जाए जिस दिन वह संगठन में कार्यभार ग्रहण करता है। यह कुछ समय बाद औपचारिक रूप से दिया जा सकता है। छोटी फर्मों के मामले में भी परिचय कार्यक्रम संभवत: अधिक अनौपचारिक और कम समय का होता है। जबकि बड़े संगठनों में यह ज्यादातर औपचारिक किस्म और लम्बी अवधि का होता है जिसे तीन से चार सप्ताह तक बढ़ाया जा सकता है।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम नए कर्मचारियों को प्रवेश प्रशिक्षण के रूप में भी दिया जा सकता है जिसमें उन्हें कार्य के परिवेश और साथी कर्मचारियों के साथ परिचित कराया जाता है; नए कर्मचारियों को उस कार्य की जिसके लिए उसे भर्ती किया गया है, बुनियादी तकनीकें अथवा कार्य प्रणालियां सिखाई जाती हैं, आदि।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग का प्रशिक्षण विभाग नई भर्ती किए गए कर्मचारियों के लिए प्रवेश प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रशासित करता है। |