संवर्धन में कार्य की सेवाओं या उत्पादों के बारे में संभावी ग्राहकों को सूचित करना तथा अभिप्रेरित करने की प्रक्रिया निहित है ताकि ये फर्म को संरक्षण देना जारी रखें। इस का अर्थ उद्यम के उत्पाद की मांग को सृजित करना तथा उसे बनाए रखना है। अन्य शब्दों में, संवर्धन का कार्य समाज के सदस्यों के साथ सम्पर्क स्थापित करना है, उन्हें यह दिखाना है कि किस प्रकार फर्म द्वारा पेशकश किए गए उत्पाद उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करेंगे तथा उनके उत्पादों को खरीदने की इच्छा का सृजन करना है। यह ग्राहकों का एक विशिष्ट फर्म के उत्पादों में अन्य फर्मों के प्रतिस्पर्द्धी उत्पादों से अंतर करने में भी ग्राहकों की सहायता करती है। यह ग्राहकों के उत्पाद की गुणवता एवं कीमत के बारे में आश्वासित करने का प्रयास भी करती हैं ताकि उन्हें उत्पाद के एक विशिष्ट ब्रांड से उत्पाद के किसी अन्य ब्रांड में अंतरित होने से रोका जा सके।
कोई भी व्यापार उद्यम अपने उत्पादों का विक्रय नहीं कर सकता जब तक कि वह विभिन्न संवर्धनात्मक कार्योकलापों का प्रभावपूर्ण निष्पादन न करें। बाजार के व्यापारीकरण, कड़ी प्रतिस्पर्द्धा, प्रौद्योगिकी में तीव्र प्रगति (उन्न्यन) तथा ग्राहकों की रुचियों एवं वरीयताओं में सतत परिवर्तनों के कारण आज के वैश्वीकृत विश्व में संवर्धनात्मक कार्यकलापों की आवश्यकता बढ़ गई है। विश्व भर की फर्में सर्वाधिक महत्वपूर्ण संवर्धनात्मक साधन के रूप में विज्ञापन कर प्रयोग करती हैं। इसमें फर्म के उत्पाद के बारे में संभावी ग्राहकों को बड़े पैमाने पर सूचना का अवैयक्तिक प्रसार शामिल है। बिक्री कौशल फर्मों द्वारा अपने उत्पाद ग्राहकों को बेचने के लिए ग्राहकों को सीधे तथा मौखिक रूप से संसूचना देने के प्रयुक्त संवर्धन का सबसे पुराना स्वरूप है। जबकि, बिक्री संवर्धन फर्म के अन्य बिक्री प्रयासों को अनुपूरित करने के लिए प्रयुक्त एक अन्य संवर्धन तकनीक है।