व्यापार रहस्य अथवा अप्रकटीकृत सूचना वह कोई भी सूचना है जिसे जानबूझकर रहस्य माना गया है तथा आर्थिक हित के साथ व्यापारिक प्रयोग में सक्षम है। यह उस सूचना की सुरक्षा करती है जो ऐसी सूचना रखने वालों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करती है बशर्ते कि ऐसी सूचना प्रतियोगियों के पास उपलब्ध अथवा ज्ञेय न हो। इनमें तकनीकी आंकड़े, आंतरिक प्रक्रियाएं, विधियां, सर्वेक्षण विधियां, एक नया आविष्कार जिसके लिए अभी तक पेटेंट आवेदन न दिया गया हो, ग्राहकों की सूची, निर्माण की प्रक्रिया, तकनीकें, सूत्र, आरेख, प्रशिक्षण सामग्री, स्रोत कोड आदि शामिल हैं। व्यापार रहस्यों को मूल्यवान ‘तकनीक’, जो एक उपक्रम को उसके प्रतियोगियों से तुलनात्मक लाभ प्रदान करती है, की सुरक्षा करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
व्यापार रहस्य मालिक की इच्छानुसार अनिश्चित काल के लिए गोपनीय रहते हैं बशर्ते कि सुरक्षा एवं इसकी गोपनीयता बनी रहे। भारत संविदा कानूनों पर आधारित सुरक्षा का सामान्य कानून दृष्टिकोण अपनाता है। अत: यह सुनिश्चित करके कि उन व्यक्तियों, विशेषकर जब तृतीय पक्ष को लाइसेंस दिया जाता है, जिन्हें व्यापार रहस्य प्रयोग करने की अनुमति दी जाती है, पर संविदात्मक बाध्यता का प्रयत्न करके व्यापार रहस्य की गोपनीयता को सुदृढ़ करना अनिवार्य बन जाता है। अत: यदि व्यापार रहस्य से संबंधित सूचना बाहर निकलती है तो इसे बाहर प्रकट करने वाले पक्षों के विरुद्ध संविदा विधि के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। तथापि, ऐसे मामले में व्यापार रहस्य की सुरक्षा समाप्त हो जाती है तथा यह सार्वजनिक बन जाती है। चूंकि यह सिद्ध करने के लिए कि व्यापार रहस्य मूल रूप से मालिक द्वारा बनाया गया लेटर्स पेटेंट अथवा कॉपीराइट पंजीकरण अथवा ट्रेडमार्क पंजीकरण जैसा कोई दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध नहीं होता है अत: किसी व्यक्ति को सूचना मेल करके तथा उसकी डाकचिन्हित तथा मुहरबंद लिफाफा रखकर अथवा सूचना की प्रति तृतीय पक्ष, जो कि दिनांक सहित उसकी प्रति रखेगा, को देकर व्यापार रहस्य के सृजन का प्रमाण रखना आवश्यक है।
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