| आम भाषा में संस्कृति पर्यावरण का मानव निर्मित भाग हैं किसी व्यक्ति के जीवन के तरीके, उसके विश्वासों, मूल्यों, मानदण्डों, व्यवहार आदि को समझने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करता है। तथापि यदि संस्कृति को विशेष तौर कार्य स्थान की प्रकृति के संबंध में दृष्टिकोणगत किया जाता है तो यह कार्य व्यवहार के विभिन्न रूपों को समझने की व्यवस्था करता है।
कार्य संस्कृति का आशय कार्य से संबंधित कार्यकलापों और ऐसे कार्यकलापों से संबंद्ध अर्थ से आशय किसी संगठन में कार्य से संबंधित मानदंडों और मूल्यों के दृष्टिगत है। ये विभिन्न अंतर सक्रिय कार्यकलापों के कारण स्थापित है जो कार्य की प्रकृति और दृष्टिकोण से संबंधित किसी संगठन और इसके कर्मचारियों के बीच होते हैं। किसी संगठन में कार्य की संस्कृति की जांच चार स्तर पर की जा सकती है :-
- संगठनात्मक लक्ष्य और उद्देश्य तथा वे तरीके जो कर्मचारियों द्वारा अनुभूत किए जाते हैं और प्रतिकार किए जाते हैं।
- किसी संगठन की प्रौद्योगिकी, इसका ढांचा, कार्य के रूप, वित्तीय स्थिति आदि।
- सामाजिक समूह, मानदंड, मूल्य, विद्युत ढांचा, भूमिका संबंध आदि।
- कार्य व्यवहार और अन्य कार्य से संबद्ध कार्यकलाप।
एक व्यक्ति को कार्य स्थान, संस्कृति के विभिन्न पहलुओं जैसे संचार के ढंग, श्रेणियों की व्यवस्था, ड्रेस कोड, यदि कोई हो, कार्य का स्थान और सबसे महत्वपूर्ण बॉस की कार्यप्रणाली और व्यवहार के ढंग के साथ-साथ सह श्रमिकों को अपनाने के लिए तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है। किसी कंपनी में कार्यस्थान पर सामंजस्य गहन रूप से दबाव युक्त हो सकता है। एक सुदृढ़ प्रबंधन प्रक्रिया को कर्मचारियों की भावनात्मक चातुर्य के कारक को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। यह उस संगठनात्मक संस्कृति के सृजन में मदद करेगा जो व केवल व्यावसायिक अच्छेपन और कर्मचारियों को प्रोत्साहन तथा उनको स्वयं की वास्तविकता में समर्थ बनाने में योगदान देगा बल्कि कार्य स्थान पर प्रति दबाव में भी मदद देगा इस प्रकार यह किसी संगठन को होनहार कर्मचारियों को आकर्षित करने, प्राप्त करने और प्रोत्साहन देने में क्षमता बढ़ाएगा।
कार्य स्थान की संस्कृतियों के लिए गलत सामंजस्य से सहकर्मियों के साथ अथवा यहां तक उच्च अधिकारियों के साथ व्यापक संघर्ष को बढ़ा सकता है। अत: किसी कंपनी के मानव संसाधन प्रबंधन की नीतियां ऐसी बनाई जानी चाहिए जो उन्हें कर्मचारियों के साथ-साथ संगठन की वृद्धि को बढ़ावा देने में समर्थ बनाए। |