भारत विश्व भर के निवेशकों के लिए असंख्य व्यापारिक अवसरों का बिन्दु है। भारत सरकार अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) जैसे विदेशी भारतीयों को काफी महत्व देती है। इसने स्वचालित और सरकारी मार्ग के माध्यम से एनआरआई निवेशों के अनुमोदन के लिए एक उदारीकृत नीति रूपरेखा प्रदान की है। स्वचालित मार्ग के तहत अनुमत सीमा तक क्षेत्र / गतिविधियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए भारत सरकार या
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के किसी पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होती है। निवेशकों को केवल आरबीआई संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को अंतर्वाही प्रेषण और आवश्यक दस्तावेजों सहित फाइल और प्रपत्र एफसी-जीपीआर के साथ अनिवासी निवेशकों को शेयर जारी होने के 30 दिनों के अंदर अधिसूचित करना होता है।
एफडीआई की ऐसी गतिविधियों के लिए, जो स्वचालित मार्ग के तहत शामिल नहीं हैं, उन्हें सरकार के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए और इन पर विदेशी निवेश प्रवर्तन बोर्ड (एफआईपीबी) द्वारा विचार किया जाता है। एफआईबीपी मार्ग के माध्यम से विदेशी निवेश अनुमोदन विदेशी निवेश अनुमोदन रखने वाली भारतीय कम्पनियों को अंतर्वाह प्रेषण प्राप्त करने और विदेशी (अनिवासी) निवेशकों को शेयर जारी करने के लिए आरबीआई से आगे समाशोधन प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होती है। कम्पनियों को इस प्राप्ति के 30 दिनों के अंदर अंतर्वाह प्रेषण की प्राप्ति पर आरबीआई के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को अधिसूचित करना होता है और विदेशी निवेशकों या अनिवासी भारतीयों को शेयर जारी करने के 30 दिनों के अंदर प्रपत्र एफसी-जीपीआर जमा करना होता है।
जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था के लगभग सभी क्षेत्रों जैसे आवास और रियल एस्टेट पेट्रोलियम रिफाइनरी, दूर संचार, विद्युत, औषधि और भैषजिकी, सड़कें और राजमार्ग आदि में स्वतंत्र रूप से निवेश की अनुमति है, किंतु कुछ क्षेत्र / गतिविधियां हैं, जहां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रतिबंधित हैं।
ऐसे विदेशी निवेश के किसी भी रूप में एक कम्पनी या एक भागीदारी फर्म या स्वामित्वाधीन मुद्दे या किसी ऐसी इकाई में करने पर प्रतिबंध है, चाहे ये इन्कॉर्पोरेटिड (निगमित) (जैसे कि न्यास) हों या नही, निम्नलिखित गतिविधियों / क्षेत्रों में संलग्न हैं या संलग्न रहने का प्रस्ताव है:-
- चिट फंड का व्यापार
- निधि कम्पनी
- कृषि (नियंत्रित परिस्थितियों के तहत पुष्प संवर्धन बागवानी, बीजों के विकास, पशु पालन, मछली पालन और सब्जियों, मशरूम आदि के अलावा और कृषि तथा अन्य संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित सेवाएं) और पौधरोपण (चाय बागानों के अलावा) गतिविधियां।
- आवास, फार्म हाउस का निर्माण या रियल एस्टेट (टाउनशिप का विकास, आवासीय/वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण, फेमा अधिसूचना में निर्दिष्ट सीमा तक सड़कों या पुलों के निर्माण के अलावा)।
- अंतरण योग्य विकास अधिकारों (टीडीआर) में कारोबार
पुन:, फेमा विनियमों के अनुसार निवेश करने वाली भागीदार फर्मों/स्वामित्व वाली कम्पनियों को प्रिंट मीडिया क्षेत्र में संलग्न होने की अनुमति नहीं हैं। निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए सरकार के तहत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और स्वचालित मार्ग प्रतिबंधित है:-
- खुदरा व्यापार (सिवाय सिंगल ब्रांड उत्पाद खुदरा बिक्री)
- परमाणु ऊर्जा
- लॉटरी व्यापार
- जुआ खेलना तथा शर्त (सट्टा) लगाना।
अनिवासी भारतीयों के लिए अन्य विदेशी निवेश के अवसर इस प्रकार हैं:-
- वे देश प्रत्यावर्तन के आधार पर सीमा रहित रूप से खरीद सकते हैं, सरकारी दिनांकित प्रतिभूतियां (वाहक प्रतिभूतियों के अलावा) या खजाने के बिल या घरेलू म्युचुअल फंड यूनिट; और मौद्रिक बाजार म्युचुअल फंड की यूनिट ले सकते हैं।
- उन्हें सीमा रहित रूप से गैर-देश प्रत्यावर्तन के आधार पर भारतीय कम्पनी द्वारा जारी परिवर्तनीय डिबेंचर / शेयर खरीदने की अनुभति होगी।
- वे सीमा रहित रूप से देश प्रत्यावर्तन आधार पर सरकारी दिनांकित प्रतिभूतियों (वाहक प्रतिभूतियों के अलावा) या खजाने के बिलों या घरेलू म्युचुअल फंड, भारत में एक सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में एक सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम बांटते हैं जिसे भारत सरकार द्वारा विनिमयन किया हैं।
- पीपीएफ सहित अल्प बचत योजनाओं में निवेश करने की अनुमति उन्हें नहीं होगी।
- उन्हें निर्धारित शर्तों के अधीन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा पर्पिचुअल ऋण उपकरणों (प्रथम स्तर की पूंजी के रूप में शामिल करने की पात्रता) और ऋण पूंजी उपकरणों (द्वितीय उच्च स्तर की पूंजी के रूप में शामिल करने के लिए पात्रता) की अनुमति होगी।
- उन्हें पोर्टफोलियो निवेश योजना आदि के तहत मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध भारतीय कम्पनियों के शेयर में निवेश की अनुमति हैं।
इसके अलावा, भारतीय महासागर कार्य मंत्रालय (एओआईए) और इसके संबंधित अभिकरण द्वारा प्रति वर्ष, प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। ताकि विकास प्रक्रिया में भारतीय समुदाय की भागीदारी को प्रोत्साहन दिया जा सके, उनके सामाजिक मुद्दों में मेल जोल किया जा सके, उन्हें भारत में वर्तमान और भावी व्यापार अवसरों से अवगत कराया जा सके आदि। हाल ही में प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन तमिलनाडु राज्य सरकार और कंफेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री (सीआईआई) की भागीदारी सहित भारतीय महासागर मंत्रालय द्वारा 7-9 जनवरी 2009 के बीच चेन्नै में किया गया। इसकी विषयवस्तु ''डायस्पोरा की संलग्नता: आगे का मार्ग'' थी और यह प्रवासी भारतीय दिवस भाषा और संस्कृति, 21 वीं शताब्दी में डायस्पोरा युवा भारत में, अंतराल पाटना: कारोबार और निवेश, डायस्पोरा सामाजिक कार्य शिक्षा और डायस्पोरा, ज्ञान नेटवर्क, मीडिया और मनोरंजन, डायस्पोरा महिलाओं के साथ बढ़ती अंत: क्रिया आदि पर केन्द्रित रहा। इस आयोजन में शामिल रहे: नैगम घरानों, वित्तीय संस्थानों, राज्य सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य की भागीदारी के साथ कारोबार और उद्योग प्रदर्शनी; ओआईएफसी बाजार स्थल व्यापार नेटवर्किंग के लिए तथा मुख्य क्षेत्रों में निवेश के अवसर अभिज्ञात करने के लिए एक के साथ एक विशिष्ट व्यापार बैठकें; कलाकारों द्वारा जीवन्त प्रदर्शन सहित हस्तशिल्प कलात्मक वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री आदि।
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