भारत के राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में निवेशकों के लिए व्यापार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं, विशेष रूप से विदेशी भारतीय नागरिकों द्वारा निवेश करने के लिए राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा प्रदान किए गए निवेशों के कुछ अवसर इस प्रकार हैं।
1. उत्तर प्रदेश (उ. प्र.) - उत्तर प्रदेश सभी अनिवासी भारतीयों और भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए निवेश का एक आकर्षक गंतव्य है। यह भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है जहां मानव संसाधन की बहुलता है और यह उद्योगों की स्थापना के लिए उद्यमियों को सुविधापूर्ण परिवेश प्रदान करता है। राज्य में निवेश के लिए संभावित क्षेत्र या परियोजनाएं इस प्रकार हैं : सड़कें और पुल; हवाई अड्डे; विद्युत उत्पादन; बिजली और गैस वितरण; नगर निगम ठोस अपशिष्ट / जैव चिकित्सीय अपशिष्ट संग्रह और निपटान; सम्मेलन केन्द्र और क्रीड़ा केन्द्र; बहु प्रयोजन कंटेनर टर्मिनल, विशेष आर्थिक क्षेत्र, समेकित औद्योगिक टाउनशिप / हाइटेक पार्क; कृषि - शीत श्रृंखला, संकर बीज, थोक बिक्री वाले फल, सब्जियां, फूल और मछलियों के बाजार, ग्रेडिंग केन्द्र / पशु वध गृह; सार्वजनिक परिवहन / अंतरराष्ट्रीय स्तर के बस टर्मिनल और शहरी कार पार्किंग; पर्यटन; स्वास्थ्य और शिक्षा; सामाजिक आवास / झुग्गी विकास; मूल्यवर्धित सूचना प्रौद्योगिकी नेटवर्क / सेवाएं आदि।
पुन: राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा बिजली, सड़कों, पुलों आदि जैसी मूल संरचनात्मक सुविधाओं को विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर विदेशी निवेशों की आवश्यकता है। अनिवासी भारतीय तथा अन्य विदेशी भारतीय नागरिक इस कार्य के महत्वपूर्ण स्रोत माने जाते हैं।
इसके अलावा वेब आधारित एकल मेज प्रणाली के कार्यान्वयन हेतु उद्यमियों के लिए यह एक अग्रणी राज्य है जो राज्य में निवेश तथा उद्योग स्थापित करने वाले उद्यमियों के लिए सहायक है। यहां उद्यमियों तथा निवेशकों को एक ही स्थान पर किसी विलंब के बिना, संबंधित अनुमोदन / अनापत्ति प्रमाणपत्र / पंजीकरण / लाइसेंस आदि प्रदान करने की पहले की गई है ताकि प्रक्रिया को सुविधाजनक, सरल और युक्तिसंगत बना कर राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए एक सहज औद्योगिक परिवेश प्रदान किया जा सके। पिछले कुछ वर्षों से यह प्रणाली और अधिक प्रभावशाली, उद्यम अनुकूल तथा औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए राज्य सरकार से तीव्र स्वीकृति / अनुमोदनों के संसाधन / अनापत्ति प्रमाणपत्र / प्रमाणपत्र या लाइसेंस आदि के लिए वेब आधारित बनाई गई है। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य वेबसाइट से अपेक्षित प्रपत्र तक पहुंच, उन्हें भरना और मुद्रित करना आदि जैसी सुविधाएं उद्यमियों को प्रदान करना है तथा वे इन्हें संबंधित जिला औद्योगिक केन्द्र / राज्य उद्योग बंधु के पास संलग्नकों एवं आवश्यक शुल्क आदि के साथ जमा कर सकते हैं।
2. कर्नाटक - आज की अर्थव्यवस्था के प्रत्येक पक्ष में अवसरों के साथ इस राज्य में निवेशकों के लिए तरह तरह के अवसर उपलब्ध हैं। यह उत्पाद तथा सेवा, दोनों ही क्षेत्रों में विविध उद्योग क्षेत्रों में निवेश के फैलते अवसरों का खजाना प्रस्तुत करता है। यह समर्पित मूल संरचना, वृद्धि की वचनबद्धता और नए नए अवसरों वाली पहलों द्वारा एक अद्भुत परिदृश्य प्रस्तुत करता है और इस प्रकार यहां निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के लिए संपत्ति सृजन और वृद्धि की आशाएं निहित हैं :
- सूचना प्रौद्योगिकी
- जैवप्रौद्योगिकी
- भैषजिकी
- अभियांत्रिकी
- ऑटोमोबाइल और ऑटो के पुर्जे
- एरोस्पेस का निर्माण, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल सर्विस
- वस्त्र
- संविदा अनुसंधान/अनु. एवं विकास
- तेल परिष्करण और पेट्रो रसायन
- इस्पात और धातुकर्म
- मूल संरचना पत्तन विकास
- सीमेंट
- इलेक्ट्रॉनिकी और दूरसंचार
- विशुद्ध अभियांत्रिकी
- मशीनी औजार
- पुष्प संवर्धन
कर्नाटक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित तथा धारित करने का एक प्रभावशाली रिकॉर्ड रहा है, विशेष रूप से औद्योगिक निवेशों के संदर्भ में यहां विदेशी भारतीयों की सबसे बड़ी संख्या है जो राज्य में अपार निवेशों के स्रोत के रूप में कार्य करती है। निरंतर पर्यावरण के एक ऐसे रास्ते पर चलते हुए जो निवेश और व्यापार हेतु अनुकूल है, कर्नाटक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के मोर्चे पर सबसे आगे की जाने वाली पहलों में सक्रिय रहा है। कर्नाटक सरकार राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर विशेष आर्थिक क्षेत्रों के माध्यम से वृद्धि को प्रेरित करने में प्रमुख भूमिका निभाती रही है।
3. मध्य प्रदेश - मध्य प्रदेश को देश के उद्योग की दृष्टि से उन्नत राज्यों में रखा जा सकता है। राज्य में प्रमुख क्षेत्र इस प्रकार हैं :
- उद्योग
- सीमेंट
- ऑटो और ऑटो के पुर्जे
- वस्त्र और वस्त्रोद्योग
- भैषजिकी
- अभियांत्रिकी और विद्युत उपकरण
- रसायन
- बिजली
- सड़के
- खनन
- कृषि/कृषि प्रसंसाधन
- पर्यटन
- वन और पर्यावरण
- रसद
- जड़ी बूटियां
- आईटी/आईटीईएस
4. पंजाब - इस राज्य में निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के प्रमुख अवसर उपलब्ध हैं :
- सूचना प्रौद्योगिकी
- खाद्य प्रसंसाधन उद्योग
- कृषि अपशिष्ट (गेहूं/धान की डंडिया, धान की भूसी) पर आधारित उद्योग
- सामाजिक वानिकी के उत्पादों पर आधारित उद्योग
- बागवानी आधारित उत्पाद
- डेयरी या पोल्ट्री आधारित इकाइयां
- चमड़े और खेल के सामान
- मांस प्रसंसाधन
- ऑटोमोबाइल और खेत की मशीनरी
- औषधियों और भैषजिकी सहित रसायन उद्योग
- इलेक्ट्रॉनिकी और दूर संचार
- वस्त्रोद्योग
- निर्यात उन्मुख इकाइयां
- अभियांत्रिकी उद्योग से संबंधित कृषि और खाद्य संसाधन एवं अनुषंगी इकाइयां
- मूल संरचना आधुनिकीकरण और विकास
इसके अलावा विदेशी भारतीयों के लिए यहां विशेष अवसर है, उदाहरण के लिए मोहाली में अनिवासी भारतीय उद्यमियों के लिए विशिष्ट केन्द्र बिन्दु की उपस्थिति; सभी केन्द्र बिन्दुओं पर अनिवासी भारतीयों के लिए आरक्षित औद्योगिक भूखण्ड तथा पंजाब में औद्योगिक संपदा; और संयुक्त उद्यमों / सहायता क्षेत्र की परियोजनाओं के प्रस्तावों को अंतिम रूप देते समय राज्य औद्योगिक विकास एवं अन्य प्रवर्तन निगम अनिवासी भारतीय उद्यमियों को प्राथमिकता देते हैं। उद्योग सहायक (उद्योग निदेशालय) के तहत एक विशेष प्रकोष्ठ द्वारा एकल बिन्दु सुविधा प्रदान की जाती है तथा यहां अनिवासी भारतीयों से प्राप्त सभी निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध रूप से समाशोधन करने का सुनिश्चिय किया जाता है। इससे उद्यमियों को पंजाब में अपने उद्यमों की स्थापना साथ ही यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है कि एक इकाई की स्थापना के लिए सभी औपचारिकताएं जल्दी से जल्दी पूरी की जाती हैं।
5. ओडिशा - ओडिशा सरकार द्वारा निवेश तथा मूल संरचना पर फोकस सहित अनेक गतिविधियों की जाती है और यहां औद्योगिक विकास के विषय में जागरूकता लाने के साथ राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उभरते निवेश अवसरों को भी प्रकाश में लाया जाता है :
- अनुषंगी और डाउनस्ट्रीम (ए एण्ड डी)
- मूल संरचना
- ऊर्जा
- सूचना प्रौद्योगिकी और आईटीईएस
- तकनीकी शिक्षा
6. आंध्र प्रदेश - राज्य रियल एस्टेट या भारत में संपत्ति निवेश का सर्वाधिक मनपसंद गंतव्य बन कर उभरा है। आंध्र प्रदेश में निवेश के मुख्य क्षेत्र इस प्रकार है :
- ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जा उद्योग
- जैव प्रौद्योगिकी
- पर्यटन
- थोक दवाएं और भैषजिकी
- खाद्य और कृषि आधारित
- सूचना प्रौद्योगिकी
- खान और खनिज
- वस्त्र उद्योग और चमड़ा
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