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Opportunities for Overseas Indians
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Opportunities for Overseas Indians वर्तमान परिदृश्‍य
Opportunities for Overseas Indians केन्‍द्रीय स्‍तर पर शासी रूपरेखा
Opportunities for Overseas Indians राज्‍य स्‍तर पर शासी रूपरेखा
Opportunities for Overseas Indians समस्‍याएं और प्रभाव
Opportunities for Overseas Indians सुझाव और भावी संभावनाएं
   
 
Opportunities for Overseas Indians
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राज्‍य स्‍तर पर शासी रूपरेखा:
संगठनात्‍मक व्‍यवस्‍था
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राज्‍य / संघ राज्‍य क्षेत्र स्‍तर पर उद्योग विभाग और / या औद्योगि‍क विभाग निगम या संबंधी अभिकरण है जो औद्योगिक विकास तथा संबंधित राज्‍यों / संघ राज्‍य क्षेत्रों में निवेश के परिदृश्‍य के विभिन्‍न पक्षों पर कार्य करते है। ये विश्‍व भर के निवेशकों को राज्‍य में व्‍यापार के अवसरों की महत्‍वपूर्ण जानकारियां एवं मार्गदर्शी सिद्धांत प्रदान करते हैं, साथ ही नए उद्यमियों को वित्तीय सहायता की उपलब्‍धता बताते हैं। वे अनेक प्रवर्तन गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है ताकि विदेशी भारतीयों अर्थात अनिवासी भारतीयों एवं भारतीय मूल के व्‍यक्तियों को निवेश, औद्योगिक इकाइयों की स्‍थापना आदि के संदर्भ में आकर्षित किया जा सके। ऐसे कुछ विभाग या अभिकरण इस प्रकार हैं :

कुछ राज्‍यों के लिए संगठनात्‍मक व्‍यवस्‍था के स्‍तर पर राज्‍यवार की गई पहलें

1. गुजरात - यहां गुजरात सरकार द्वारा स्‍थापित एनआरआई प्रभाग है जो दुनिया के अलग अलग हिस्‍सों में गुजराती मूल के भारतीय अनिवासी नागरिकों के साथ प्रभावी संपर्क स्‍थापित करने के विचार से बनाया गया है। विभाग के मुख्‍य उद्देश्‍य इस प्रकार हैं:-

  • गुजराती मूल के अनिवासी भारतीयों के विषय में एक व्‍यापक डेटाबेस बनाना और उसका रखरखाव।
  • गुजराती मूल के अनिवासी भारतीयों का समय समय पर सामाजिक एवं सांस्‍कृतिक मुद्दों का अध्‍ययन और उनकी आवश्‍यकताएं पूरी करने के लिए विभिन्‍न योजनाओं का निर्धारण करने के कदम उठाना।
  • अनिवासी भारतीयों की तकनीकी तथा व्‍यावसायिक कुशलताओं का सर्वेक्षण और आकलन करने के प्रभावी कदम उठाना और इन्‍हें राज्‍य के विकास प्रयासों में उपयोग करना।
  • अनिवासी गुजरातियों का एक डेटाबेस तैयार करना, जिसमें उनकी रुचि के व्‍यावसायिक क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जाए।
  • गुजरात सरकार और इसके अभिकरणों को संगत हितों के साथ अनिवासी गुजरातियों के साथ संपर्क बनाने में सक्षम बनाना।
  • विभिन्‍न क्षेत्रों में अनिवासी गुजरातियों की विशिष्‍ट जरूरतों को संबोधित करने के लिए कदमों की पहल करने हेतु गुजरात सरकार को सुविधा प्रदान करना।
  • अनिवासी भारतीयों के प्रौद्योगिकीय, प्रबंधकीय और वित्तीय संसाधनों का दोहन करना ताकि राज्‍य के तकनीकी और व्‍यावसायिक कौशलों एवं मानव संसाधनों को राज्‍य के आर्थिक तथा औद्योगिक विकास के लिए उन्‍नत बनाया जा सके।
  • अनिवासी भारतीयों की बचत तथा अधिशेष वित्तीय संसाधनों को इस प्रकार निर्देशित करना कि ये राज्‍य के आपसी लाभों के विकास प्रयासों में उपयोग किए जा सकें।
  • अनिवासी भारतीयों के सामान्‍य कल्‍याण की निगरानी करना और संकट के समय में अनिवासी गुजराती समूहों की विशिष्‍ट समस्‍याओं को अभिज्ञात करना और उन्‍हें भारत सरकार के सामने पेश करना।

उपरोक्‍त उद्देश्‍यों की प्राप्ति के लिए सरकार ने 'गुजरात राज्‍य अनिवासी गुजराती 'फाउंडेशन (एनआरजीएफ)' की अतिरिक्‍त स्थापना की है।

2. मध्‍य प्रदेश - राज्‍य में एक पृथक केन्‍द्र है जिसका नाम मध्‍य प्रदेश अनिवासी भारतीय सुविधा केन्‍द्र है, इसे स्‍थापित करने के उद्देश्‍य निम्‍नानुसार हैं :

  • मध्‍य प्रदेश सरकार के साथ संबंधित व्‍यक्तिगत और व्‍यापार संबंधी मुद्दों को संबोधित करने में अनिवासी भारतीयों की सहायता करना।
  • मध्‍य प्रदेश में निवेश के अवसरों के बारे में अनिवासी भारतीयों को जानकारी प्रदान करना।
  • मध्‍य प्रदेश में जन्‍मे और / या मध्‍य प्रदेश में रुचि रखने वाले अनिवासी भारतीयों का डेटाबेस तैयार करना।
  • मध्‍य प्रदेश सरकार के साथ एकल बिंदु संपर्क के रूप में कार्य करना।
  • गोष्ठियां, कार्यशालाएं, मेले और प्रदर्शनियां आ‍योजित करना।
  • निवासी भारतीयों को निवेश तथा व्‍यापार के अवसर खोजने और योजना बनाने में सहायता देना।

3. उत्तर प्रदेश - राज्‍य में 'उद्योग बंधु' (उद्योग मित्र) का गठन उद्यमियों और सरकार के बीच समन्‍वय अभिकरण के रूप में कार्य करने के लिए किया गया था, जो इसका उद्देश्‍य उत्तर प्रदेश में प्रगति शील औद्योगिक विकास के लिए सहज परिवेश प्रदान करना था। यह उद्यमियों को प्रोत्‍साहन देने और मूलभूत आवश्‍यकताओं जैसे भूमि, विद्युत, वित्त एवं अन्‍य अनुप्रयुक्‍त प्रोत्‍साहनों की उपलब्‍धता पर एकल बिंदु स्रोत जानकारी प्रदान करने के लिए लक्षित है। पिछले वर्षों के दौरान यह स्‍वतंत्र निकाय बन गया है और यह निवेश को प्रोत्‍साहन देने के उत्‍प्रेरक के रूप में कार्य करता है। यह विभिन्‍न सरकारी विभागों को औद्योगि‍क तथा सेवा क्षेत्रों में निवेश की सुविधा प्रदान करने के साथ मौजूदा एवं उभरते हुए उद्योगों की विभिन्‍न समस्‍याओं को सुलझाता है। यह औद्योगिक प्रोत्‍साहन की भूमिका को भली भांति निभाने के साथ सरकार को नीति निर्धारण, अध्‍ययनों के आयोजन, निवेश के प्रोत्‍साहन आदि के विषय में सहायता देता है। इसका अर्थ है यह उद्यमियों के लिए प्रमुख अंत: क्रिया केन्‍द्र के रूप में उभरा है और यह उद्योग संबंधी मुद्दों पर उच्‍च स्‍तरीय सम्‍मेलनों का आयोजन किया जाता है।

उत्तर प्रदेश में एक अनिवासी भारतीय प्रकोष्‍ठ है जो सभी अनिवासी भारतीयों और भारतीय मूल के व्‍यक्तियों को राज्‍य में एकल बिंदु सुविधा प्रदान करने के लिए सृजित किया गया है। उद्योग बिंधु एनआरआई प्रकोष्‍ठ के लिए एक नोडल अभिकरण है। यह प्रकोष्‍ठ विदेशी भारतीयों के सभी मामलों से निपटने के लिए विशिष्‍ट रूप से समर्पित है जो उनकी शिकायतों का प्रभावी रूप से निपटान करता है और उन्‍हें राज्‍य की आपसी हित की परियोजनाओं में निवेश करने की सेवाएं प्रदान करता है, अनिवासी भारतीयों / भारतीय मूल के व्‍यक्तियों और उनके संघों के साथ निरंतर नेटवर्किंग करता है। यह प्रकोष्‍ठ मूल सरंचना, शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में विकास का सहयोग बढ़ाने के लिए राज्‍य और अनिवासी भारतीयों के बीच एक सेतु के समान कार्य करता है और आपसी हित के अन्‍य मुद्दों एवं पारंपरिक हस्‍तशिल्‍प उद्यमों के प्रवर्तन तथा उद्योग निवेश में वृद्धि करने में सहायता देता है।

4. केरल - केरल सरकार द्वारा 1996 में अनिवासी केरलाइट कार्य विभाग (एनओआरकेए) की स्‍थापना की गई थी, ताकि अनिवासी केरल वासियों के कल्‍याण को सुनिश्चित किया जा सके, उनकी शिकायतों का निपटान किया जा सके एवं उनके अधिकारों की रक्षा की जा सके। तब से एनओआर केए अनिवासी केरल वासियों के जीवन में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है, उन्‍हें आवश्‍यकता और उधार लेने के समय में सहायता देता रहा है, उन्‍हें हर संभव साधन से मदद देता रहा है। एनओआरकेए द्वारा निपटाए जाने वाले प्रमुख मुद्दे हैं : जरूरत मंद केरल वासियों को सहायता देना, वेतन न प्राप्‍त होने पर शिकायत, आवास आदि, अनिवासी केरल वासियों के पार्थिव शरीर को वापस लाने में सहायता देना, कुछ विशिष्‍ट शर्तों के अधीन, गैर कानूनी विदेशी भर्ती एजेंसी पर शिकायतें, केरल में निवेश के अवसरों पर पूछताछ, प्रवासी सुरक्षा कुटुंब आरोग्‍य योजना पर पूछताछ, राज्‍य सरकार में अनिवासी केरल वासियों के सामने आने वाली समस्‍याएं आदि। एनओआरकेए की गतिविधियों में नवीनतम जुड़ाव अनिवासी केरलाइट कल्‍याण अभिकरण (एनओआरकेडब्‍ल्‍यूए) इस प्रकार हैं : अनिवासी केरलवासियों के लिए पेंशन कोष आरंभ करना, वापस आने वाले अनिवासी केरल वासियों का पुनर्वास आदि।

पुन:, नोरका रूट्स एनओआरकेए विभाग का क्षेत्र अभिकरण है जो 2002 में स्‍थापित किया गया था। यह अनिवासी केरलवासियों एवं केरल सरकार के बीच अंतरापृष्‍ठ के रूप में कार्य करता है और यह अनिवासी भारतीयों की समस्‍याएं सुलझाने, उनके अधिकारों की रक्षा तथा वापस आने वाले नागरिकों के पुनर्वास को संबोधित करने वाला एक मंच है। इसकी प्रमुख गतिविधियां इस प्रकार हैं :-

  • अनिवासी केरलवासियों का कल्‍याण
  • अनिवासी केरलवासियों के माता पिता के लिए विरासत ग्राम
  • अनिवासी केरलवासियों की सक्रिय भागीदारी से क्षेत्रीय विकास को प्रोत्‍साहन
  • अनिवासी केरलवासियों के लिए सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क
  • जरूरत मंद अनिवासी केरलवासियों को तत्‍काल सहायता देने के लिए राहत कोष
  • अनिवासी केरलवासियों के लिए वार्षिक बैठकें आयोजित करना
  • केरल वापस आने वाले अनिवासी केरलवासियों का पुनर्वास और पुन: समेकन
  • रोजगार मानचित्रण
  • उच्‍च योग्‍यता वाले मानव संसाधन पूल के सृजन की सुविधा देना
  • अनिवासी केरलवासियों का डेटा बैंक
  • राज्‍य में निवेशों को निर्देशित करना।

5. कर्नाटक - 'कर्नाटक उद्योग मित्र' का गठन वाणिज्य और उद्योग विभाग, कर्नाटक सरकार के अधीन निवेश को प्रोत्‍साहन एवं सुविधा देने तथा निवेशकों को सहायता देने के विचार से किया गया। यह उन सभी निवेशकों के लिए एक एकल संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करता है जो कर्नाटक में व्‍यापार स्‍थापित करना चाहते हैं। एक नोडल अभिकरण के रूप में इसकी भूमिका निवेश की सुविधा प्रदान करना और इनके सुचारु रूप से आगे बढ़ने की सक्षमता हेतु पहलों का कार्यान्‍वयन करना, परियोजना के कार्यान्‍वयन हेतु निवेश के प्रस्‍ताव प्राप्‍त करना है। यह अनुमोदित परियोजनाओं के लिए अनुमोदन प्रदान करने और मूल संरचना की स्‍वीकृति का सचिवालय है। यह एक ऐसा परिवेश प्रदान करता है जो निवेशकों को अपने निवेश के प्रक्रम और प्रक्रिया विधियां आसानी से करने में सहायता देता है।

यहां एक 'कर्नाटक डायस्‍पोरा प्रकोष्‍ठ' है जिसे कर्नाटक उद्योग मित्र की एक विशेष पहल के रूप में स्‍थापित किया गया है। प्रकोष्‍ठ के उद्देश्‍य इस प्रकार है :-

  • कर्नाटक तथा इसके डायस्‍पोरा के बीच एक सहजीविता का संबंध बनाना।
  • कर्नाटक और इस राज्‍य में विकास तथा निवेश के अवसरों की जानकारी इसके सभी संभावित क्षेत्रों के बारे में देना।
  • अनिवासी भारतीयों और कर्नाटक में जन्‍में व्‍यक्तियों को राज्‍य में उद्यम हेतु निवेश की सुविधा प्रदान करना।
  • राज्‍य के विकास के लिए डायस्‍पोरा के ज्ञान सागर का निर्माण करना।
  • कर्नाटक की संस्‍कृति और विरासत को विदेशों में प्रोत्‍साहन देना।
  • यह शैक्षिक सुविधाओं, स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं के बारे में डायस्‍पोरा को जानकारी प्रदान करने का एकल बिंदु है जो कर्नाटक में उपलब्‍ध हैं, और यह डायस्‍पोरा की हित की अन्‍य जानकारियां भी प्रदान करता है।

प्रकोष्‍ठ के कार्यों में शामिल हैं:-

  • विशिष्‍ट प्रक्षेत्रों में परियोजनाओं के तहत डायस्‍पोरा को शामिल करना और उनके विचारों के आदान प्रदान / अंत:क्रिया को करने का प्रोत्‍साहन देना - ग्रामीण विकास, उद्योग तथा उद्यम, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, संस्‍कृति, भाषा, समाज सेवा और सामुदायिक सौहार्द।
  • विशिष्‍ट क्षेत्रों में डायस्‍पोरा से प्राप्‍त अनुरोधों के आधार पर प्रतिष्ठित व्‍यक्तियों से डायस्‍पोरा की अंत:क्रियात्‍मक बैठकों की सुविधा प्रदान करना।
  • भारत सरकार द्वारा भारतीय डायस्‍पोरा के लिए आयोजित कार्यक्रम से पहले वार्षिक बैठकें आयोजित करना।
  • अनिवासी भारतीयों / भारतीय मूल के व्‍यक्तियों के संघों के डेटाबेस का सृजन और रखरखाव, व्‍यावसायिक पृष्‍ठभूमि के आधार पर उनके रहने के स्‍थान पर आधारित व्‍यक्तियों का श्रेणीकरण, इसके अतिरिक्‍त इसमें भारतीय दूतावास के विदेशी कार्यालयों, राज्‍य सरकार और केन्‍द्रीय सरकार के संबंधित विभागों के संपर्क भी हैं।
  • अपने ग्राहकों के लिए समाचारपत्रिका / परिपत्रों / ई-मेल का प्रकाशन।

6. पंजाब - यहां अनिवासी भारतीय क्षेत्र (जिसका विकास अनिवासी कार्य विभाग, पंजाब सरकार द्वारा किया गया है) - www.nrizone.in. है। यह अनिवासी भारतीय क्रेताओं को अपनी पहुंच विस्‍तारित करने तथा अपने खरीद के प्रयासों को सुचारु बनाने में एक महत्‍वपूर्ण साधन सिद्ध हुआ है। अब क्रेता अपनी आवश्‍यकतानुसार 69,000 से अधिक उत्‍पादों और सेवा प्रकारों की स्‍वामित्‍व वर्गीकरण प्रणाली में सूचीबद्ध कंपनियों की खोज कर सकते हैं। यह आधुनिकतम, बारीकी से मुहरांकन करने वाले साधन सहित अनिवासी भारतीय क्रेताओं को सज्जित करता है। यह क्रेताओं को खरीदने वाले ग्राहक प्रदान करता है जो वैश्विक और बारीकी से केन्द्रित हैं। विक्रेता और उनके सामानों की सूची को 16 भाषाओं में क्रेताओं द्वारा चुना और देखा जा सकता है।

तब, यहां एनआरआई सभा पंजाब है जिसे निम्‍नलिखित उद्देश्‍यों के लिए गठित किया गया है:-

  • अनिवासी भारतीयों को पंजाब में उनके अधिकारों की सुरक्षा में सहायता देना, विशेष रूप से संपत्ति से संबंधित मामलों में।
  • यह अनिवासी भारतीयों को पंजाब आने की सुविधा प्रदान करता है।
  • यह केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के साथ अनिवासी भारतीयों के हितों की रक्षा करता है।
  • आर्थिक विकास के लिए पंजाब में अनिवासी भारतीयों के निवेश में सहायता देता है।
  • अनिवासी भारतीयों के साथ पंजाब के सांस्‍कृतिक और स्थानीय बंधन को बनाए रखता है जो विशेष रूप से अनिवासी भारतीयों की अगली पीढ़ी के लिए है।
  • अनिवासी भारतीयों को प्रेरित कर उन्‍हें पंजाब के सामाजिक कल्‍याण को प्रोत्‍साहन देना तथा पंजाब में रहने वाले उनके मित्रों और संबंधियों की सहायता करने की प्रेरणा देना।
  • अनिवासी भारतीयों, पंजाब में रहने वाले उनके मित्रों और संबंधियों तथा सरकार के लिए एक सम्मिलित कार्रवाई का मंच प्रदान करना।

7. ओडिशा - राज्‍य में अनिवासी उडिया सुविधा केन्‍द्र है जो ओडिशा सरकार के एनआरओ प्रकोष्‍ठ के साथ मिलजुल कर कार्य करता है।

औद्योगिक नीति प्रस्‍ताव 2001 के भाग के रूप में ओडिशा निवेश और निर्यात प्रवर्तन कार्यालय (ओआईईपीओ) का कार्यालय ओडिशा राज्‍य में निवेश को प्रोत्‍साहन तथा सुविधा प्रदान करने के लिए स्‍थापित किया गया है। ओआईईपीओ को ऐसा पहला संपर्क बिन्‍दु माना जाता है जहां संभावित निवेशक, दूतावास, वाणिज्‍य कक्ष, व्‍यापार, आयुक्‍त, अंतरराष्‍ट्रीय, व्‍यापार / कारोबार संगठन तथा दिल्‍ली के अन्‍य संघ संपर्क कर सकते हैं और उन्‍हें ओडिशा की ओर निर्देशित कर सकते हैं। इसके मुख्‍य उद्देश्‍य इस प्रकार हैं:-

  • ओडिशा के विषय में स्‍थान तथा प्रतिस्‍पर्द्धी लाभों की जागरूकता प्रदान करेन के माध्‍यम से आकर्षक निवेश गंतव्‍य के रूप में प्रोत्‍साहन देना।
  • राज्‍य में अनिवासी भारतीयों को निवेश के प्रयासों / कार्यों में या ओडिशा से निर्यात के उत्‍पादों में सहायता देना।
  • राज्‍य में कार्यान्‍वयन अधीन परियोजनाओं के संदर्भ में केन्‍द्रीय स्‍तर के निवेश / औद्योगिक अनुमोदन प्राप्‍त करने में सहायता देना।

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