उत्पादन की प्रत्येक अवस्था में अपेक्षित संसाधनों के प्रकार का विश्लेषण करें जैसाकि वित्तीय, मानवीय, भौतिक, प्रौद्योगिकीय आदि।
गुणवत्ता - उत्पाद/सेवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अपनी कम्पनी द्वारा अपनाए गए गुणवत्ता नियंत्रण उपायों के बारे में चर्चा करें।
विपणन - अपने उत्पाद की विशिष्टता का वर्णन करके अपने उत्पाद की बाजार क्षमता एक बार फिर से रेखांकित करें, यह वर्णन करें कि किस प्रकार यह आपके प्रतिस्पर्धी की कमजोरियों को उजागर करता है।
लक्ष्य बाजार चिन्हांकित करें जिसे व्यापक रूप से बाजार अनुसंधान द्वारा संबलित होना चाहिए।
एक बार जब लक्ष्य बाजार का अभिचिन्हांकन हो जाता है तो संचार रणनीति पर बल दें, जिसमें विज्ञापन देना, ब्रांडिंग पैकेजिंग आदि शामिल हैं। विपणन के प्रत्येक खंड के लिए निहित लागत की हमेशा सूची बनाएं।
बिक्री पूर्वानुमान - बिक्री पूर्वानुमान मुख्य रूप से तीन कारकों पर आधारित होता है - बाजार का आकार, अपने विपणन रणनीति के परिणाम स्वरूप आप अधिग्रहण करेंगे उस बाजार का भाग और मूल्य निर्धारण की रणनीति।
वित्तीय योजनाएं - नया उद्यम को अनुमानित लाभ और हानि विवरण और नकदी प्रवाह विवरण दर्शाना है।
मानव संसाधन - एक संगठन चार्ट बनाए जिसमें मुख्य कार्यपालकों का ब्यौरा हो और व्यष्टियों का प्रोफाइल हो जिन्हें आपको किराए पर लेने की संभावना है।
व्यापार का स्वरूप - अपने व्यापार के कानूनी स्वरूप का वर्णन करें - क्या यह अकेले के स्वामित्व वाला है या साझेदारी, सार्वजनिक लिमिटेड कम्पनी आदि।
महत्वपूर्ण जोखिम - कानूनी और नैतिक दायित्व के रूप में उद्यमी को व्यापारी योजना में जोखिमों की परिकल्पना दर्शाना है जो निवेशक को उठाना पड़ेगा यदि वह आपके कारोबार में निवेश करता है। इससे आपकी सिविल एवं आपराधिक दायित्व से रक्षा होगी।
उपसंहार - संक्षेप में एक बार फिर अपनी व्यापार योजनाओं की मुख्य बातों और विशेषताओं का जिक्र करें।
अपने उद्यम की प्रत्येक अवस्था के लिए समय सीमा का भी उल्लेख करें। अपनी व्यापार योजना के साथ-साथ अपने दस्तावेजों को फ्लो चार्ट, फोटोग्राफ बाजार सर्वेक्षण, सैम्पल ब्रोकर, विज्ञापनों, कर विवरणियां, बोर्ड के सदस्यों का जीवन वृत्त, सिफारिश पत्रों आदि के द्वारा समर्थित करना सुनिश्चित करें। ये सभी परिशिष्ठ के भाग होने चाहिए। |