उपयोगिताओं में अति महत्वपूर्ण हैं विद्युत और पानी। अन्य उपयोगिताएं जिनकी आवश्यकता हो सकती हैं, वे हैं स्टीम, दाबित वायु, ईंधन। ऐसी उपयोगिताओं की अपनी आवश्यकता का आकलन करें, इन्हें प्राप्त करने की व्यवस्था करें और इन्हें अपनाने की लागत निर्धारित करें।
विद्युत आपूर्ति
- उद्योग की विद्युत आपूर्ति की आवश्कता का पता लगाएं।
- निकटतम उप-केन्द्र का पता लगाएं जहां से विद्युत आपूर्ति प्राप्त करेंगे और विद्युत प्रशुल्क दर समय अंतराल जिसके लिए आपको आपूर्ति की आवश्यकता है, उपलब्ध हो का पता लगाएं। विद्युत कनेक्शन साधारणत: एलटी (निम्न दबाव) या एचटी (उच्च दाब) प्रकार के होते है। यदि कनेक्शन लोड 75 एचपी तक का होता है तो एलटी कनेक्शन दिया जाता है। 130 एचपी या इससे अधिक के कनेक्टेड लोड के लिए केवल एचटी कनेक्शन ही दिया जाता है।
- संबंधित राज्य विद्युत बोर्ड को विशिष्ट प्रपत्र में औपचारिक आवेदन देने की आवश्यकता होती है। विद्युत निरीक्षक को फैक्टरी स्थल पर अनुप्रयोग का मूल्यांकन करने के लिए तैनात किया जाता है, जिसके बाद लोड स्वीकृत होता है। विद्युत की कमी वाले क्षेत्रों में कैप्टिव जनरेटिंग सैट के विद्युत आपूर्ति को बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
- विद्युत व्यवहार्यता और मंजूरी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद विद्युत आपूर्ति उद्योग को दी जा सकती है।
जलापूर्ति
- उद्योग के लिए पानी की आवश्यकता का पता लगाएं।
- जांच करें कि अपेक्षित जलापूर्ति के लिए क्या सर्वेक्षण संभावित स्रोत है अर्थात नदी, नहर, नलकूप और यह आपकी भूमि से कितनी दूरी पर हैं।
- पानी के गुणवत्ता की जांच करें (पीएच कठोरता) क्या यह आपकी विशिष्ट अपेक्षा पूरा करता है।
- दर/पानी प्रभार लागू और समान्य एकत्र करने की सुविधा।
- यह पता लगाएं कि क्षेत्र का संचालक प्राधिकरण क्या है (लोक निर्माण विभाग, सम्पदा-निगम, नगर पालिका)।
- पानी का कनेक्शन पहले ही औपचारिक प्रपत्रों में आवेदन करके प्राप्त किया जाता है।
विभिन्न राज्यों की राज्य सरकारें नए उद्यमियों को अनेक प्रकार के प्रोत्साहन और रियायतें प्रदान करती हैं जैसे पानी का प्रशुल्क, विद्युत आर्थिक सहायता, जेनरेटिंग सैट पर आर्थिक सहायता आदि।
''निवेश के अवसर और प्रोत्साहन'' खंड में अधिक ब्यौरा होगा। |