मानव संसाधन भी व्यापार स्थान और कार्य के लिए महत्वपूर्ण निर्धारक है। विभिन्न कौशल स्तर के श्रम की उपलब्धता, उत्पादकता और श्रम की लागत, श्रम की लोच, श्रम का मनोभाव और आचरण पैटर्न, व्यापार यूनियनों की प्राकृति आदि जैसे कारक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हैं। सम्पूर्ण प्रकिया कम्पनी में वर्तमान और संभावित रिक्तियों को भरने के लिए व्यापार आरंभ करने के लिए मानव शक्ति किराए पर लेना है। मानव शक्ति किराए पर लेने का लक्ष्य उचित संख्या में कर्मचारियों को खरीदना वह भी उचित तरह के कार्य के लिए अपेक्षित योग्यता के साथ। किराए पर लेने प्रक्रिया में चार मुख्य चरण शामिल हैं अर्थात मानव शक्ति की योजना बनाना, भर्ती, चयन और नियोजन। इनमें से प्रत्येक कदम और उप-कदम नियोक्ता को उम्मीदवारों के विषय अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करना इस तरह से फर्म के लिए यथा संभव सर्वोत्तम मानव शक्ति प्राप्त करना। यह कार्य सावधानी पूर्वक किया जाना है चूंकि मानव शक्ति किराए पर लेते समय की गई कोई गलती फर्म के लिए मंहगी पड़ती है अल्प तथा दीर्घावधि दोनों के लिए। यह समय बर्बादी के रूप में होगा, धन और ऊर्जा के रूप में बारंबार किराए पर लेने की प्रकिया में होगी। उन उपर खर्च की गई प्रशिक्षण लागत बेकार हो जाएगी। संगठन की कार्यक्षमता, अनुपर्युक्त उम्मीदवारों और किराए पर लेने के कारण कम हो जाएगी। साथ-साथ अनुपस्थिति और श्रम की उत्पदकता कम होगी। इसलिए प्रभावी किराए पर लेने की प्रक्रिया में निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर शामिल होंगे :-
- भरे जाने वाले कार्य की अपेक्षा क्या है ?
- किस प्रकार के व्यक्तियों की आवश्यकता है ?
- कितने व्यक्तियों की आवश्यकता है ?
- भर्ती के लिए किन स्रोतों का उपयोग किया जाएगा ?
- रोजगार के लिए सही उम्मीदवारों के चयन के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।