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सार्वजनिक लिमिटेड कम्पनी सदस्यों का स्वैच्छिक संघ होता है जिसका निगमीकरण किया जाता है और इसलिए इसका अलग कानूनी अस्तित्व होता है और जिसके सदस्यों का दायित्व सीमित होता है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं :
- अपने संघटक सदस्यों के अलावा कम्पनी का एक अलग कानूनी अस्तित्व है।
- इसका गठन, कार्यचालन और इसका समाप्त होना वस्तुत: इसके सभी क्रियाकलाप शासन विधि नियमों और विनियमों द्वारा किया जाता है। भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 में सार्वजनिक लिमिटेड कम्पनी स्थापित करने संबंधी कानूनी औपचारिकताएं सन्निहित है। कम्पनी पंजीयक (आरओसी) जिसकी नियुक्ति कम्पनी अधिनियम के अंतर्गत की जाती है, जिसमें विभिन्न राज्यों और संघ क्षेत्रों को शामिल किया गया है, पर कम्पनी पंजीकरण करने का प्राथमिक कर्त्तव्य दिया गया है जो संबंधित राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में फैले हुए हैं।
- कम्पनी में कम से कम सात सदस्य हों परन्तु अधिकतम सदस्यों की कोई सीमा नहीं है।
- कम्पनी अपने शेयरों की बिक्री से पूंजी का संग्रहण करती है और जो शेयर खरीदते हैं उन्हें सदस्य कहा जाता है। संगृहित राशि शेयर पूंजी कहलाती है।
- कम्पनी के शेयर स्वतंत्र रूप से अंतरणीय होते है वह भी अन्य शेयरधारकों की पूर्व सहमति के बगैर या इसके बाद कम्पनी को सूचना दिए बगैर।
- कम्पनी के सदस्य का दायित्व उनके द्वारा धारित शेयर के अंकित मूल्य तक सीमित होता है। एक बार जब वह सम्पूर्ण अंकित मूल्य का भुगतान करता है उसका कम्पनी के ऋणदाता को चुकाने के लिए किसी प्रकार का अंशदान करने का दायित्व नहीं रह जाता है।
- कम्पनी के शेयरधारकों को कम्पनी के दैनंदिन प्रबंधन कार्यकलापों में भागीदार होने का अधिकार नहीं होता। यह प्रबंधन से स्वामित्व का पृथक्कीकरण सुनिश्चित करता है। कम्पनी में निर्णय लेने की शक्ति निदेशक मंडल को दी जाती है और सभी नीतिगत निर्णय बहुसंख्यक नियमों द्वारा बोर्ड स्तर पर लिए जाते हैं। इससे प्रबंधन में निदेशक की एकता सुनिश्चित होती है।
- चूंकि कम्पनी स्वतंत्र कानूनी व्यक्ति है इसका अस्तित्व इसके किसी शेयरधारक की मृत्यु सेवानिवृत्ति या दिवालियापन से प्रभावित नहीं होता है।
फायदे
- अस्तित्व की सरलता
- पूंजी की बड़ी राशि
- निदेशकों की एकता
- सक्षम प्रबंधन
- सीमित दायित्व
ख़ामियां
- संवर्धनात्मक धोखाधड़ी की संभावना
- अप्रजातंत्रिक नियंत्रण
- निदेशकों के लिए व्यैक्तिक लाभ की संभावना
- कड़े विनियमों के अधीन होना
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^ ऊपर
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