एक बार जब फर्म सबसे पहले के मुद्दे पर अर्थात किस उत्पाद का उत्पादन करना चाहता है और उद्योग का स्थान, तो अगला महत्वपूर्ण कदम उपयुक्त प्रौद्योगिकी और उपकरण का चयन करना है ताकि उसका उत्पादन किया जा सके। इसके अतिरिक्त, कच्ची सामग्री के स्रोत के बारे में निर्णय लिया जाना है। इन सबकी आवश्यकताओं की पूर्ति या तो घरेलू स्रोतों से की जा सकती है या आयात किया जा सकता है। यह सरकारी की विनियामक अपेक्षा के अधीन होती है। आपात प्रक्रिया संबंधी विनियामक आवश्यकताएं अलग-अलग होती हैं, यह आयात की मदों पर निर्भर करती हैं। तथापि, कच्ची सामग्रियों के मामले में सरकार की निर्यात आयात नीति आयात को नियंत्रित करती है। तथापि, प्रौद्योगिकी अंतरण करार आयातों को नियंत्रित करते हैं।
उत्पादन लागत कम करने के लिए आदेश देने की प्रक्रिया करने के पहले फर्म को सावधानीपूर्वक लागत और लाभ का विश्लेषण करना चाहिए और इस तरह से लाभ बढ़ाना चाहिए। पूंजी के विभिन्न स्रोतों की जांच पड़ताल करना चाहिए और सावधानीपूर्वक इसकी लागत का विश्लेषण किया जाना चाहिए।
प्रक्रिया चयन
जब एक बार उत्पाद का चयन कर लिया जाता है तो सही प्रक्रिया प्रौद्योगिकी का चयन महत्वपूर्ण हो जाता है। अपेक्षित प्रक्रिया प्रौद्योगिकी निम्नलिखित हो सकती हैं :-
- देश में विकसित
भारत में, सीएसआईआर और रक्षा अनुसंधान प्रयोगशालाओं में प्रौद्योगिकियां विकसित की जा रही हैं। कुछ मध्यवर्ती हैं जैसे एपीसीटीटी (एशियाई और प्रशान्त प्रौद्योगिकी अंतरण केन्द्र), टीबीएसई (लघु उद्यम प्रौद्योगिकी ब्यूरो), जो उपयुक्त प्रौद्योगिकी का पता लगाने में आपकी सहायता कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कम्पनियों के कुछ आंतरिक अनुसंधान और विकास जो प्रौद्योगिकी विकसित करते और खरीदने के इच्छुक पक्षों को बेचते हैं। देशीय रूप से विकसित प्रक्रियाएं प्रौद्योगिकी के आंतरिक लाभ हैं जैसे उपयुक्तता, अपेक्षाकृत कम खर्चीला, प्रौद्योगिकी विकासक के साथ कार्य करने की संभावना।
- आयातित
कुछ जटिल उत्पादों के लिए प्रक्रिया प्रौद्योगिकी का आयात किया जाना है। ऐसे मामलों में प्रौद्योगिकी अंतरण के लिए करार विधिवत उचित सावधानीपूर्वक किए जाने चाहिए ताकि राष्ट्र के हितों की रक्षा की जा सके। भारत सरकार एफडीआई और विदेशी प्रौद्योगिकी सहयोग करारों, दोनों के माध्यम से विदेशी प्रौद्योगिकी को काम में लगाना सुकर बनाती है। एफडीआई और विदेशी प्रौद्योगिकी सहयोग करार का अनुमोदन या तो स्वत: मार्ग के जरिए या भारतीय रिजर्व बैंक को दी गई शक्ति के अधीन या अन्यथा सरकार द्वारा किया जाता है। विदेशों में व्यापार करने का अगले संस्करण खंड में अधिक ब्यौरा दिया गया है।
प्रक्रिया प्रौद्योगिकी का चयन करते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना अनिवार्य है :
- प्रक्रियाओं द्वारा अपेक्षित कौशल कर्मकारों या मशीनों का स्तर।
- अपेक्षित पानी और/या विद्युत की मात्रा।
- चुनिंदा प्रक्रिया प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए निमित्त किसी प्रक्रिया या उत्पाद पेटेंट की आवश्यकता होती है।
- विशेष प्रदूषण या पर्यावरणीय विनियमन का अनुपालन किया जाना है।
- भारतीय परिवेश और परिस्थितियों के अनुरूप प्रौद्योगिकी की उपयुक्तता।
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