टिप्पणी : कृपया ध्यान दें कि एकल स्वामित्व के लिए किसी प्रकार के करारनामे की आवश्यकता नहीं होती है और कंपनी का पंजीकरण अनिवार्य नहीं होता है । यद्यपि, स्वामी को स्थानीय प्रशासन से व्यापार के अनुसार एक विशिष्ट लाइसेंस लेना होता है।
एक संयुक्त हिन्दू व्यापार हिन्दू कानून के प्रचालन से अस्तित्व में आता है और संविदा के जरिए नहीं। सह प्रतिभागियों के अधिकार और दायित्वों का निर्धारण हिन्दू कानून के सामान्य नियमों द्वारा किया जाता है। कंपनी का पंजीकरण अनिवार्य नहीं होता है, किन्तु ऋण के दावे के लिए तीसरे पक्ष पर मुकद्दमा करने के इसके अधिकार अप्रभावित रहते हैं।
इसे भी देखें: व्यापार संगठन का रूप चुनना