प्रत्येक उद्योग को अपनी फैक्टरी या संयंत्र के स्थान के बारे में निर्णय लेने संबंधी समस्या का सामना करना पड़ता है। व्यापार का स्थान अति महत्वपूर्ण कारक है जो इसकी सफलता या विफलता को प्रभावित करता है। यह दीर्घावधिक निर्णय है जिसमें न केवल संगठन की वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखने की आवश्यकता है अपितु इसके भावी विस्तार योजना को भी मद्देनजर रखने की आवश्यकता है। स्थान निर्धारण की गलती को सुधारना बड़ा मुश्किल और महंगा पड़ जाता है। संयंत्र निर्धारण योजना का उद्देश्य संयंत्र विशेष के लिए अनुकूल या सर्वोत्तम स्थान का पता लगाना है। ऐसे स्थान परिणामस्वरूप न केवल प्रति यूनिट कम लागत आती है अपितु फर्म के सुव्यवस्थित विकास को भी सुकर बनाता है। इसलिए सबसे फायदेमंद स्थान वह है जहां पर सामग्री जमा करने की लागत और इसका विनिर्माण करना तथा तैयार उत्पादों को ग्राहकों में वितरण करने की लागत न्यूनतम होगी। अति लोकप्रिय स्थान का होना अनिवार्य नहीं है परन्तु स्थल ऐसा हो जिसमें सभी ध्यान में रखे बिन्दुओं का अनुकूलतमीकरण किया जाए। सभी समय सभी फर्मों या एक फर्म के लिए कोई आदर्श स्थान नहीं होता है। स्थान का चयन अनेक महत्वपूर्ण कारकों पर आधारित होता है। यह विनिर्माण किए जाने वाले उत्पादों, उत्पादन और वितरण की लागत द्वारा प्रभावित होता है। संयंत्र का स्थान सरकार द्वारा विशिष्ट उद्योग के लिए निर्धारित पर्यावरणीय दिशानिर्देशों और अन्य विनियमों को पूरा करने में समर्थ होना चाहिए। अनुकूल स्थान के चयन के लिए इन सभी कारकों का न्यायिक संतुलन अपेक्षित है।
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