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- निर्धारित आय छूट पर ध्यान दिए बिना, विभिन्न शीर्षों अर्थात गृह संपत्ति से आय, व्यवसाय अथवा व्यापार से लाभ अथवा नफ़ा पूंजी लाभ और अन्य स्रोतों से आय के अधीन कुल आय की परिकलना करना। इस प्रकार ''सकल कुल आय'' प्राप्त की जाती है।
- सकल कुल आय से, अध्याय VI ए की धारा 80 ए के अधीन निर्धारित कटौतियां की जाती है। शेष राशि कर योग्य आय है।
- किसी सदस्य को ए ओ पी/बी ओ आई द्वारा प्रदत्त ब्याज की एओपी/बीओआई की आय से कटौती नहीं की गई है [इस अधिनियम की धारा 40(बीए)]।
- किसी सदस्य को ए ओ पी/बी ओ आई द्वारा प्रदत्त किसी वेतन, बोनस, कमीशन अथवा परिश्रमिक (चाहे उसे कोई भी नाम दिया जाए) की ए ओ पी/बी ओ आई की आय से कटौती नहीं की जाएगी।
- ए ओ पी/बी ओ आई की कुल आय निजी व्यक्ति पर लागू दरों पर अथवा अधिकतम सीमांत दर पर अथवा अधिकतम सीमांत दर की अपेक्षा उच्चतर दर पर कर योग्य होती है। ए ओ पी/बी ओ आई पर कर-घटना इस तथ्य पर निर्भर करती है कि ए ओ पी/बी ओ आई की आय सम्पूर्ण अथवा किसी भाग में सदस्यों के निजी भाग का निर्धारण किया जाता है अथवा नहीं :-
कर उसी दर पर ए ओ पी/बी ओ आई की कुल आय पर प्रभारित (वसूल) किया जाएगा जैसा कि निजी व्यक्ति की स्थिति में लागू होता है।
परन्तु, जब पूर्व वर्ष के लिए ए ओ पी/बी ओ आई के किसी सदस्य की कुल आय (ए ओ पी/बी ओ आई से प्राप्त उसके भाग को छोड़कर) अधिकतम राशि से अधिक हो जाती है, जो संबद्ध वर्ष के वित्त अधिनियम के अधीन उस सदस्य की स्थिति में की में प्रमार्य नहीं है तो कर को अधिकतम सीमांत दर पर ( अर्थात निजी व्यक्ति पर लागू उच्चतर दर (स्लैब) पर) ए ओ पी/बी ओ आई की कुल आय पर प्रभारित (वसूल) किया जाता है।
और, जहां ए ओ पी/बी ओ आई के किसी सदस्य की कुल आय (चाहे वह निजी व्यक्ति की स्थिति में कर में प्रभार्य न होने वाली अधिकतम राशि से अधिक है अथवा नहीं) अधिकतम सीमांत दर की अपेक्षा उच्चतर दर पर कर में प्रभार्य है, वहां कर को ए ओ पी/बी ओ आई की कुल आय के उस भाग पर प्रभारित किया जाएगा, जो उच्चतर दर पर ऐसे सदस्य से संबंधित है और ए ओ पी/बी ओ आई की कुल आय की शेष राशि पर अधिकतम सीमांत दर पर कर लगाया जाएगा।
- जहां सदस्यों का भाग अनिश्चित होता है (धारा 167 बी के अधीन)
कर को ए ओ पी/बी ओ आई की कुल आय पर अधिकतम सीमांत दर पर वसूल किया जाता है, जो संबद्ध वर्ष के वित्त अधिनियम में यथा निर्दिष्ट किसी व्यक्ति की स्थिति में आय की उच्चतम स्थिति (स्लेब) के संबंध में लागू कर कर दर है (जिसमें अधिभार, यदि कोई है भी शामिल है) तथापि, जब किसी सदस्य को अधिकतम सीमांत दर की अपेक्षा उच्चतर दर पर प्रभारित किया जाता है तो आय पर उच्चतर दर पर कर लगाय जाएगा।
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^ ऊपर |
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