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परिसंपत्ति के अंतरण पर प्राप्त राशि पर विचार करने से प्राप्त निम्नलिखित तीन राशियों की कटौतियों करते हुए पूंजी लाभ की परिकलना की जाएगी:-
- दिनांक 1-4-81 की स्थिति अनुसार परिसंपत्ति की वास्तविक लागत अथवा उसका अनुमानित बाजार मूल्य, यदि उसे पहले अर्जित किया गया है;
जहां परिसंपत्ति खरीदी गई थी, वहां वास्तविक लागत प्रदत्त मूल्य होता है। जहां परिसंपत्ति को अन्य परिसंपत्ति के बदले में अर्जित किया गया था, वहां वास्तविक लागत आदान-प्रदान की तारीख को उस अन्य परिसंपत्ति का उचित बाजार मूल्य होता है। ऐसी खरीद, आदान–प्रदान अथवा अन्य लेनदेन अर्थात् प्रदत्त दलाली, पंजीकरण प्रभार और कानूनी व्ययों के संबंध में वहन किए गए कोई व्यय इस लागत का भाग भी होते है। कई बार, किसी विशेष परिसंपत्ति का अंतरण करने के लिए करार के मुद्दे को अग्रिम प्राप्त किया जाता है। इसके पश्चात् यदि कर दाता द्वारा अग्रिम रखा जाता है अथवा अन्य पार्टी द्वारा लेनदेन पूरा न किए जाने पर उसे ज़ब्त किया जाता है, तो ऐसी अग्रिम राशि की वास्तविक लागत से कटौती की जाएगी।
- परिसंपत्ति के लिए सुधार लागत, यदि कोई है;
सुधार लागत से अभिप्राय पूंजी परिसंपत्ति में आवर्धन अथवा परिवर्धन करने के लिए वहन की गई सभी पूंजी व्यय से है। तथापि, कोई व्यय, जिसकी गृह संपत्ति से प्राप्त आय कारोबार अथवा व्यावसाय से प्राप्त लाभ व नफ़ा अथवा अन्य स्रोतों से प्राप्त आय (प्रतिभूतियों पर ब्याज) शीर्ष के अधीन आय की परिकलना करते हुए कटौती की जाती है, को सुधार लागत के रूप में नहीं लिया जाएगा। व्यवसाय की अच्छी साख, विनिर्माण अधिकार, किसी मद अथवा वस्तु को प्रस्तुत करने अथवा उस पर कार्रवाई, करने के लिए सुधार लागत शून्य होती है।
- परिसंपत्ति के अंतरण पर वहन किए गए व्यय।
दीर्घावधि पूंजी परिसंपत्ति की स्थिति में, लागत में वर्ष के लिए लागत की मुद्रास्फीति से संबंधित सूचकांक के अनुसार वृद्धि की जाती है। |
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