Spacer
 
Spacer
  Business.gov.in Indian Business Portal
An Initiative of India.gov.in
 
 
तीव्र मीनू
 
कराधान
spacer
Industry & Services निजी कराधान
Industry & Services भागीदारी हेतु कराधान
Industry & Services सीमा शुल्‍क
Industry & Services संपदा कर
Industry & Services निगमित कराधान
Industry & Services एजेंट हेतु कराधान
Industry & Services उत्‍पाद शुल्‍क
Industry & Services पेन
Industry & Services व्‍यावसाय सत्ताओं के अन्‍य रूपों का कराधान
Industry & Services प्रतिनिधित्‍व कार्यालयों का कराधान
Industry & Services सेवा कर
Industry & Services टीडीएस, टीसीएस, टीएएन (टेन)
Industry & Services मूल्‍य वर्धित कर (वैट)
Industry & Services प्रत्‍यक्ष कर संहिता
   
 
taxation
Taxation
उत्‍पाद शुल्‍क:
माल का वर्गीकरण और उत्‍पाद शुल्‍क की दर
Previous Page
spacer
एक वस्‍तु पर उत्‍पाद शुल्‍क की दर का निर्धारण करने के लिए इसका वर्गीकरण एक पूर्व आवश्‍यकता है। उत्‍पाद शुल्‍क की देयता केन्‍द्रीय उत्‍पाद प्रशुल्‍क अधिनियम, 1985 (सीईटीए) में दिए गए वस्‍तुओं के वर्गीकरण के आधार पर है इस अधिनियम में वस्‍तुओं की एक सूची दी गई है, जिन पर केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्‍क प्रभारित किया जाता है। इसे 20 अनुभागों में रखे गए 96 अध्‍यायों में विभाजित किया गया है। इन 20 अनुभागों में से प्रत्‍येक में वस्‍तुओं के एक स्‍थूल वर्ग को लिया गया है जैसे कि अनुभाग 1 में पशु और डेयरी उत्‍पाद शामिल हैं, अनुभाग 6 में रसायन और इससे जुड़े उद्योगों के उत्‍पाद शामिल हैं, जबकि अध्‍याय 11 में वस्‍त्र उद्योग और वस्‍त्र उद्योग से जुड़े समान शामिल हैं।

केन्‍द्रीय उत्‍पाद प्रशुल्‍क अधिनियम को 2004 में संशोधित किया गया था। पहले वस्‍तुओं के वर्गीकरण के लिए 6 अंकों का वर्गीकरण कोड होता था, जिसके स्‍थान पर बाद में 8 अंकों का वर्गीकरण कोड लाया गया है। इस 8 अंक की वर्गीकरण पद्धति के आरंभ होने के साथ वस्‍तुओं का एक विस्‍तृत वर्गीकरण अब उपलब्‍ध है। वस्‍तुओं का वर्गीकरण महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि यही इसका एक मात्र उपयुक्‍त वर्गीकरण है, जिसे प्रशुल्‍क की दर का निर्धा‍रण किया जा सकता है।

केन्‍द्रीय उत्‍पाद प्रशुल्‍क में कर की दर का निर्धारण प्रत्‍येक मद के लिए अलग-अलग किया गया है। इन्‍हें आमतौर पर ‘प्रशुल्‍क दरें’ कहते हैं। एक विशेष उत्‍पाद पर प्रशुल्‍क की दर का निर्धारण करने के लिए व्‍यक्ति को सबसे पहले उस अध्‍याय का शीर्षक खोजना चाहिए जिसके अंतर्गत इस वस्‍तु का वर्गीकरण हो सकता है। इस वर्गीकरण के विरुद्ध संगत प्रशुल्‍क दरें रियायती अधिसूचना के साथ पढ़ी जाएं, यदि कोई हों। इस प्रकार कर की प्रभावी दर किसी वस्‍तु के लिए ज्ञात की जाती है।

कुछ वस्‍तुओं को केन्‍द्रीय उत्‍पाद प्रशुल्‍क अधिनियम, 1985 के तहत ‘उत्‍पाद के विशेष कर’ के अधीन रखा जाता है। कुछ अन्‍य वस्‍तुओं पर कुछ अन्‍य अधिनियमों जैसे उत्‍पाद का अतिरिक्‍त कर (विशेष महत्‍व की वस्‍तुएं) अधिनियम, 1957 या कुछ विशिष्‍ट उप-कर भी लगाए जा सकते हैं।

^ ऊपर

 
 
Government of India
spacer
 
 
Business Business Business
 
  खोजें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
मैं कैसे करूँ
Business कम्‍पनी पंजीकरण करूं
Business नियोक्‍ता के रूप में पंजीकरण करें
Business केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत भरें
Business टैन कार्ड के लिए आवेदन करें
Business आयकर विवरणी भरें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
  हमें सुधार करने में सहायता दें
Business.gov.in
हमें बताएं कि आप और क्‍या देखना चाहते हैं।
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
निविदाएं
नवीनतम शासकीय निविदाओं को देखें और पहुंचें...
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
 
पेटेंट के बारे में जानकारी
Business
कॉपीराइट
Business
पेटेंट प्रपत्र
Business
अभिकल्पन हेतु प्रपत्र
 
 
Business Business Business
 
 
 
Spacer
Spacer
Business.gov.in  
 
Spacer
Spacer