सामान्य तौर पर व्यापार प्रयोजनों के लिए किए गए सभी व्यय कर योग्य आय में से घटाए जाते हैं, बशर्ते कि ये व्यय पूर्ण रूप से और विशिष्ट रूप से व्यावहारिक प्रयोजनों के लिए हों तथा ये व्यय पिछले वर्ष के दौरान आवश्यक रूप से किए/भुगतान किए गए हों तथा इनके समर्थन में संगत पत्र और अभिलेख उपलब्ध हों। परन्तु व्यक्तिगत या पूंजीगत प्रकार के व्यय कटौती योग्य नहीं होते हैं।
पूंजीगत व्यय केवल मूल्यह्रास के माध्यम से अथवा पूंजीगत प्राप्ति/क्षति के निर्धारण में सम्पत्ति के आधार पर कटौती योग्य होते हैं। ये कटौतियां मूल्यह्रास के संबंध में आयकर अधिनियम की धारा 32 के तहत सुनिश्चित परिसम्पत्तियों जैसे मशीनरी, भवन आदि और गैर-सुनिश्चित परिसम्पत्तियों जैसे तकनीक, पेटेंट आदि के संबंध में अनुमत होंगी, जिनका स्वामित्व निर्धारिती के पास है और इन्हें व्यापार/व्यावसाय के प्रयोजन हेतु उपयोग किया गया है। मूल्यह्रास को अधिनियम की धारा 43 के तहत उल्लिखित परिसम्पत्तियों के ब्लॉक के बट्टे खाते डाले गए मूल्य में से घटाया जाएगा। जबकि एक परिसम्पत्ति को निर्धारिती द्वारा पिछले वर्ष अधिग्रहीत किया गया है और इसे 180 दिनों से कम की अवधि के लिए व्यापार/व्यवसाय प्रयोजन हेतु उपयोग में लाया गया है, उक्त परिसम्पत्तियों के संदर्भ में कटौती को परिसम्पत्तियों के सभी ब्लॉक के लिए निर्धारित सामान्य मूल्य के 50 प्रतिशत तक सीमित किया जाएगा।
परन्तु उस आय के संबंध में किए गए किसी व्यय पर कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी जो कुल आय का भाग नहीं बनाते हैं।