आय के दिए गए विभिन्न स्रोतों में व्यक्ति की आय के कर प्रावधान में आय के प्रकार पर निर्भर करते हुए अंतर देखा जाता है :-
- कर दाता द्वारा अर्जित आय के मामले में सभी आय निम्नलिखित के सिवाए कराधान के अधीन रखी जाएगी।:-
- यदि एक व्यक्ति किसी फर्म का हिस्सा है, यदि उसका शेयर कंपनी के लाभ में है तो इसकी आय को कराधान से (अधिनियम की धारा 10(2A) के तहत) से रियायत दी जाएगी। परन्तु उसके वेतन और फर्म से मिलने वाले ब्याज के संदर्भ में ये कर योग्य हैं, जैसा व्यक्ति की व्यापार आय के समान कर योग्य हैं।
- यदि एक व्यक्ति किसी फर्म का हिस्सा है, यदि उसका शेयर कंपनी के लाभ में है तो इसकी आय को कराधान से (अधिनियम की धारा 10(2A) के तहत) से रियायत दी जाएगी। परन्तु उसके वेतन और फर्म से मिलने वाले ब्याज के संदर्भ में ये कर योग्य हैं, जैसा व्यक्ति की व्यापार आय के समान कर योग्य हैं।
व्यक्तियों की कर योग्य आय जानने के चरण:-
- विभिन्न 'आय के शीर्ष', के तहत आय ज्ञात करना, जिसमें शामिल हैं:-
- वेतन
- आवास सम्पत्ति से आय
- व्यापार या व्यवसाय से मिलने वाले लाभ और प्राप्तियां
- पूंजीगत प्राप्तियां
- अन्य स्रोतों से आय
- यह आय वर्तमान वर्ष और पिछले वर्षों के 'क्षतियों के समायोजन' के अधीन होती है। क्षतियों के समायोजन के बाद आय "सकल कुल आय" कहलाती है।
- कुल सकल आय में से निर्धारित 'कटौतियां' आयकर अधिनियम के अंतर्गत की जाती है।
शेष आय को "निवल आय" या कर योग्य आय कहते हैं।
|