| निर्यात वस्तुओं के समाशोधन के लिए, निर्यातक या एजेंट को निम्नलिखित औपचारिकताएं पूर्ण करनी हैं :-
पंजीकरण
- निर्यातक को निर्यात वस्तुओं के समाशोधन के लिए नौवहन बिल दायर करने से पूर्व विदेश व्यापार महानिदेशालय से पैन आधारित व्यापार पहचान संख्या (बिन) प्राप्त करनी होगी।
- निर्यातकों से यह भी अपेक्षित है कि वे अधिकृत विदेशी मुद्रा डीलर कोड को पंजीकृत करे (जिसके माध्यम से निर्यात आय वसूल किए जाने की आशा है) तथा किसी पिछले (ड्राबैक) प्रोत्साहन के क्रेडिट के लिए नामनिर्दिष्ट बैंक में चालू खाता खोलें।
- जब कभी भी कोई नई एयरलाइन, नौवहन लाइन, स्टीमर एजेंट, पतन या हवाई पत्तन प्रचालनरत हो, तो उनके लिए सीमाशुल्क में पंजीकृत होना अपेक्षित है।
- निर्यात संवर्धन योजना के अंतर्गत निर्यात का इरादा रखने वाले निर्यातकों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने लाइसेंस/डीईईसी वही इत्यादि सीमाशुल्क केन्द्र में पंजीकृत करवाएं।
नौवहन बिल का प्रक्रियान्वयन
समुद्र मार्ग या वायु मार्ग द्वारा निर्यात के मामले में, निर्यातक ''नौवहन बिल'' प्रस्तुत करेगा तथा सड़क मार्ग द्वारा निर्यात के मामले में, वह निर्धारित प्रपत्र में ''निर्यात बिल'' प्रस्तुत करेगा जिसमें निर्धारित ब्यौरे निहित हों यथा निर्यातक, प्राप्तकर्ता का नाम, इन्वायस संख्या, पैकिंग के ब्यौरे, वस्तुओं का विवरण, मात्रा, एफओबी मूल्य इत्यादि। नौवहन बिल के साथ अन्य दस्तावेज यथा पैकिंग सूची, इन्वायस, निर्यात संविदा साखपत्र इत्यादि की प्रति भी प्रस्तुत की जानी अपेक्षित है।
नौवहन बिल 5 प्रकार के होते हैं :-
निर्यात बिल निम्नलिखित हैं :-
एलईटी निर्यात आदेश
गोदी में वस्तुओं की प्राप्ति के पश्चात, निर्यातक इस प्रयोजनार्थ नामनिर्दिष्ट सीमाशुल्क अधिकारी से सम्पर्क करेगा तथा पत्तन प्राधिकारी के पृष्ठांकन तथा सभी मूल दस्तावेज़ों सहित अन्य घोषणाओं के साथ जांचसूची प्रस्तुत करेगा। सीमाशुल्क अधिकारी वस्तुत: प्राप्त वस्तुओं की मात्रा का सत्यापन करेगा तथा तत्पश्चात इलेक्ट्रॉनिक नौवहन बिल को अंकित करेगा तथा साथ ही गोदी मूल्यांकनकर्ता को सभी मूल दस्तावेज़ सौंप देगा जो वस्तुओं की जांच के लिए एक सीमाशुल्क अधिकारी को समनुदेशित करेगा। यदि गोदी मूल्यांकनकर्ता संतुष्ट है कि प्रणाली में प्रविष्ट वितरण मूल दस्तावेज़ों में दिए गए विवरण के समनुरूप है तो वह नौवहन के लिए ‘’एलईटी निर्यात’’ अनुमत करने की कार्रवाई कर सकता है। |