Spacer
 
Spacer
  Business.gov.in Indian Business Portal
An Initiative of India.gov.in
 
 
तीव्र मीनू
 
कराधान
spacer
Industry & Services निजी कराधान
Industry & Services भागीदारी हेतु कराधान
Industry & Services सीमा शुल्‍क
Industry & Services संपदा कर
Industry & Services निगमित कराधान
Industry & Services एजेंट हेतु कराधान
Industry & Services उत्‍पाद शुल्‍क
Industry & Services पेन
Industry & Services व्‍यावसाय सत्ताओं के अन्‍य रूपों का कराधान
Industry & Services प्रतिनिधित्‍व कार्यालयों का कराधान
Industry & Services सेवा कर
Industry & Services टीडीएस, टीसीएस, टीएएन (टेन)
Industry & Services मूल्‍य वर्धित कर (वैट)
Industry & Services प्रत्‍यक्ष कर संहिता
   
 
taxation
Taxation
आय का स्रोत:
आवास संपदा से आय
Previous Page
spacer
 
Business स्‍वयं की संपत्ति से प्राप्‍त आय की परिकलना
Business संपत्ति को किराए पर देने से प्राप्‍त आय की परिकलना
Business संपत्ति का स्‍वामित्‍व
गृह संपत्ति' शब्‍दावली में ऐसे भवनों के संबद्ध भवन अथवा भूमि शामिल है। कोई निकटवर्ती भवन न होने की स्थिति में, भूमि के खाली प्‍लॉटों को छोड़ने से प्राप्‍त आय पर इस शीर्ष से अधीन कर नहीं लगाया जाएगा (परन्‍तु अन्‍य स्रोतों से प्राप्‍त आय के रूप में उस पर कर लगाया जाएगा)। अत:, भवन की मौजूदगी गृह संपत्ति से प्राप्‍त आय पर कर लगाने के लिए अनिवार्य पूर्वापेक्षा होती है। ''भवन'' में आवासीय मकान (चाहे वे किराए पर अथवा अपना हो), कार्यालय भवन, फैक्‍टरी की इमारत, गोदाम, फ्लैट आदि शामिल होते हैं। परन्‍तु, जिस उद्देश्‍य के लिए किराएदार द्वारा भवन का इस्‍तेमाल किया जाता है, वह नगण्‍य होता है। किसी लिमिटेड कंपनी अथवा फर्म की स्‍वयं की संपत्ति होने की स्थिति में, कुल मिलाकर इसमें कोई अंतर नहीं होता है। तथापि, यदि मालिक द्वारा अपने स्‍वयं के व्‍यवसाय को करने के उद्देश्‍य से भवन अथवा उसके किसी भाग का इस्‍तेमाल किया जाता है, तब गृह संपत्ति के ऐसे भाग से कोई आय नहीं होगी।

आयकर अधिनियम के अधीन, गृह संपत्ति से प्राप्‍त आय की गणना करने का आधार 'वार्षिक मूल्‍य' होता है। यह आय अर्जित करने के लिए संपत्ति की सहज क्षमता होती है और इसे एक वर्ष से दूसरे वर्ष में किराए से प्राप्‍त प्रत्‍याशित राशि के रूप में परिभाषित किया गया है। जहां प्राप्‍त किया गया वास्‍तविक किराया उपयुक्‍त लाभ से अधिक होता है, वहां विशेष रूप से यह उल्‍लेख किया गया है कि वास्‍तविक किराया वार्षिक मूल्‍य होगा। तथापि, जहां वास्‍तविक किराया उपयुक्‍त किराए से कम होता है वहां बाद का मूल्‍य वार्षिक मूल्‍य होगा।

संपत्ति जिसमें इससे संबद्ध ऐसा कोई भवन अथवा भूमि शामिल है जिसका निर्धारिती मालिक है, के वार्षिक मूल्‍य पर कटौतियों का दावा (धारा 24 के अधीन) करने के पश्‍चात् 'संपत्ति से आय' शीर्ष के अधीन आयकर लगेगा, बशर्तें कि निर्धारिती द्वारा कोई कार्य व्‍यापार अथवा व्‍यवसाय करने के उद्देश्‍य से ऐसी संपत्ति अथवा ऐसी संपत्ति के किसी भाग का उसके द्वारा इस्‍तेमाल न किया गया हो, तब उसके लाभ पर आयकर लगेगा।

^ ऊपर

 
 
Government of India
spacer
 
 
Business Business Business
 
  खोजें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
मैं कैसे करूँ
Business कम्‍पनी पंजीकरण करूं
Business नियोक्‍ता के रूप में पंजीकरण करें
Business केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) में शिकायत भरें
Business टैन कार्ड के लिए आवेदन करें
Business आयकर विवरणी भरें
 
Business Business Business
 
Business Business Business
 
  हमें सुधार करने में सहायता दें
Business.gov.in
हमें बताएं कि आप और क्‍या देखना चाहते हैं।
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
निविदाएं
नवीनतम शासकीय निविदाओं को देखें और पहुंचें...
 
Business Business Business
Business
Business Business Business
 
 
पेटेंट के बारे में जानकारी
Business
कॉपीराइट
Business
पेटेंट प्रपत्र
Business
अभिकल्पन हेतु प्रपत्र
 
 
Business Business Business
 
 
 
Spacer
Spacer
Business.gov.in  
 
Spacer
Spacer