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फर्म की कर योग्य आय के परिकलन के लिए कदम :-
- निर्धारित छूटों पर ध्यान दिए बिना आय के विभिन्न शीर्षों के अंतर्गत फर्मों की आय का पता करें। आय के शीर्ष हैं :-
- गृह सम्पत्ति से आय
- कारोबार या पेशे के लाभ तथा फायदे
- पूंजी लाभ
- अन्य स्रोतों से आय जिनमें प्रतिभूतियों पर ब्याज, लाटरी दौड़ों, पहेलियों इत्यादि से जीती गई राशि शामिल है (वेतन आय शीर्ष का शामिल नहीं किया जाता)।
- भागीदारों को पारिश्रमिक तथा ब्याज का भुगतान कटौती योग्य है यदि आयकर अधिनियम की धारा 184 तथा धारा 40 (ख) की शर्तें पूरी होती हों। भागीदारों को देय या उनके द्वारा प्राप्त कोई भी वेतन, बोनस, कमीशन या पारिश्रमिक को भागीदार फर्म की आय से कटौती के रूप में अनुमत किया जाता है तथा उस पर भागीदारों के हाथ में कर लगाया जाएगा।
- फर्म द्वारा अपने भागीदारों को अदा की गई ब्याज, वेतन इत्यादि की अनुमत राशियों/ अग्रेनीत हानियों के लिए समायोजक करें इस प्रकार प्राप्त कुल आय ''सकल कुल आय'' है।
- ''सकल कुल आय'' से निर्धारित कटौतियां करें तथा शेष राशि फर्म की ''निवल आय'' है।
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^ ऊपर |
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