| प्रतिनिधि कार्यालय/संपर्क कार्यालय उन तीन रूपों में से सब है जिनमें विदेशी कंपनियां अपना कार्य शुरू कर सकती हैं। यह मुख्य तथा भारत में व्यवसाय की संभावनाओं का पता लगाने और निवेश के वातावरण को परखने के लिए शुरू किया जाता है। संपर्क कार्यालय की भूमिका बाजार के संभावित अवसरों के बारे में सूचना एकत्र करने और संभावित भारतीय ग्राहकों को विदेश में स्थित मूल कंपनी और उसके उत्पादों के बारे में सूचना प्रदान करने तक सीमित है।
भारत में संपर्क कार्यालय खोलने के लिए इच्छुक विदेशी कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक से, जो भारत में शीर्ष स्तर का विदेशी मुद्रा प्राधिकरण है, पूर्वोनुमोदन प्राप्त करना होगा। सामान्यतया अनुमोदन तीन वर्षों के लिए दिया जाता है और इसकी समाप्ति होने पर इसका नवीकरण किया जा सकता है। भारत में संपर्क कार्यालय खोलने की इच्छुक विदेशी कंपनियों फार्म एफएससी, के रूप में उसमें दिए गए दस्तावेजों सहित आवेदन विदेशी निवेश प्रभाग, विदेशी मुद्रा विभाग , भारतीय रिजर्व बैंक , केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई को प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा, विदेशी कंपनी, कंपनी रजिस्ट्रार (आरओसी) से भारत में व्यवसाय स्थापना स्थल संबंधी प्रमाणपत्र की प्राप्त करेगी। संपर्क कार्यालय को बंद करने की समय भारतीय रिज़र्व बैंक मूल कंपनी को शेष राशि भारतीय बैंक के खाते में प्रत्यावर्तित करने की अनुमति देगा।
संपर्क कार्यालय के कार्यकलाप
- मूल कंपनी/समूह (ग्रुप) कंपनियों का भारत में प्रतिनिधित्व करना ।
- भारत से निर्यात/भारत में आयात को बढ़ावा देना।
- मूल समूह कंपनियों और भारत की कंपनियों के बीच तकनीकी/वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देना।
- विदेश स्थित मूल कंपनी और भारतीय कंपनियों के बीच एक संचार चैनल के रूप में कार्य करना।
संपर्क कार्यालय के कार्यकलापों पर प्रतिबंध
- संपर्क कार्यालय कोई वाणिज्यिक कार्य नहीं कर सकता (बीजक बनाने का भी नहीं)।
- संपर्क कार्यालय का बैंक में क्यू ए 22 सी खाता होना चाहिए। यही एक ऐसा विशेष खाता है जो विदेश से अंतार्वाहों की अनुमति देता है।
- संपर्क कार्यालय न तो पैसा उधार ले सकता है और न दे सकता है।
- यह भारतीय रिज़र्व बैंक को नियमित रूप से विवरणियां प्रस्तुत करेगा इन विवरणियों में वार्षिक लेखापरीक्षित खाते और वर्ष के दौरान किए गए कार्यों की रिपोर्ट शामिल होगी।
संपर्क कार्यालय को प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से कोई वाणिज्यिक/व्यापारिक/औद्योगिक कार्य करने की अनुमति नहीं होगी और इसलिए वह भारत में कोई आमदनी अर्जित नहीं कर सकता। यह स्वयं को सामान्य बैकिंग चैनलों के जरिए विदेशों से भारत में आने वाली धनराशि से अलग रखेगा। इसलिए यह भारत की कर देय कंपनी नहीं होगी। संपर्क कार्यालय पर भारत में कर नहीं लगाया जाएगा क्योंकि आय कर विभाग के पास ऐसा कोई तंत्र नहीं है जो इस बात की जांच करे या पता लगाए कि क्या इसके द्वारा किए गए कार्यों की वजह से इस पर भारत में कर लगाया जा सकता है। तथापि, संपर्क कार्यालय कुछ भुगतानों पर कर को रोके रखे और इस प्रकार घरेलू कर कानून के तहत कर को रोके रखने की अपेक्षित शर्तों का अनुपालन करे। |