| स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) स्रोत पर कर कटौती का अभिप्राय निर्धारिती द्वारा चुकाए जाने वाले कर हैं जिसकी उस व्यक्ति द्वारा कटौती की जाती है जो उसके लिए आय का भुगतान करता है। इस प्रकार से कर की कटौती आय के स्रोत पर की जाती है। आयकर अधिनियम ऐसी आय के भुगतान कर्ता को आय का निश्चित प्रतिशत की आयकर के रूप में कटौती करने के लिए और शेष राशि ऐसी आय के प्राप्त कर्ता को भुगतान करने के लिए प्राधिकृत करता है। भुगतानकर्ता द्वारा इस प्रकार आय के स्रोत से काटा गया कर आयकर विभाग के खाते में जमा किया जाना है। प्राप्तकर्ता की आय से इस प्रकार काटा गया कर प्राप्तकर्ता द्वारा उसके निर्धारण के समय आयकर का भुगतान माना जाता है।
उदाहरणार्थ, किसी आय का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति जो वेतन शीर्ष के अंतर्गत कराधेय है को ऐसी आय के संबंध में कर दायित्व का अभिकल्पन करने और भुगतान के समय स्रोत पर कर कटौती करने की आवश्यकता होती है। यदि कर्मचारी की कोई अन्य आय है तो उसे नियोक्ता को सूचित करने की आवश्यकता होती है ताकि नियोक्ता उसका कर दायित्व का अभिकल्पन करते समय इस आय पर विचार कर सकता है परन्तु गृह संपत्ति की हानि को छोड़कर वह हानियों पर ध्यान नहीं देगा।
इसी प्रकार व्यक्ति प्रतिभूति पर ब्याज के जरिए किसी आय का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है या कोई अन्य ब्याज पर स्रोत पर कर कटौती की आवश्यकता ऐसी आय को दाता के खाते क्रेडिट करते समय निर्धारित दरों पर या भुगतान के समय जो भी पहले हो।
निम्नलिखित स्रोतों से आय से स्रोत पर कर कटौती की जाती है :-
- वेतन या अन्य कोई सकारात्मक अन्य किसी आय शीर्ष के तहत ( धारा 192);
- प्रतिभूतियों पर ब्याज ( धारा 193);
- प्रतिभूतियों पर ब्याज के अलावा अन्य ब्याज ( धारा 194 क);
- संविदाकार और उप संविदाकार के भुगतान ( धारा 194 ग);
- लॉटरी या क्रास वर्डस पज़ल से अर्जन ( धारा 194 ख);
- घुड़दौड़ में जीतने पर ( धारा 194 ख ख );
- बीमा कमीशन जिसमें बीमा व्यापार प्राप्त करने के लिए सभा भुगतान शामिल हैं ( धारा 194 घ);
- प्रतिभूति पर ब्याज को छोड़कर कोई काम जो अनिवासियों को कंपनी न होने या विदेशी कंपनी के नाते भुगतान योग्य होता है ( धारा 195 );
- अनिवासी स्पोर्टसमैन को भुगतान जिसमें खिलाड़ी या स्पोर्टस संघ/संस्था शामिल हैं। अनिवासी स्पोर्टसमैन के मामले में समाचार पत्रों, पत्रिकाओं आदि में विज्ञापन तथा भारत में कोई खेल/स्पोर्टस के लेख पर भुगतान शामिल है ( धारा 194ड़ );
- एनएसएस के तहत [जमा संबंधी भुगतान] ( धारा 194 ङ ङ);
- म्यूचुअल फंड या यूटीआई द्वारा यूनिटों की पुन:खरीद पर भुगतान ( धारा 194च);
- कमीशन या अढ़कमया का भुगतान (धारा 194 छ);
- किराया का भुगतान ( धारा 194 ज);
- व्यावहारिक या तकनीकी सेवा के लिए शुल्कों का भुगतान ( धारा 194 झ);
- स्टोकिस्ट, वितरक, खरीददार और लॉटरी टिकट विक्रेता पारिश्रामिक या ऐसे टिकट पर पुरस्कार सहित कमीशन का भुगतान ( धारा 194 छ);
- विदेशी मुद्रा में खरीदी गई यूनिटों से आय या विदेशी मुद्रा में खरीदी गई ऐसी यूनिटों के अंतरण से प्राप्त दीर्घवधिक पूंजी लाभ ( धारा 196 ख);
- ब्याज के संबंध में अनिवासियों को किसी आय का भुगतान या बोनस और शेयरों पर लाभांश का भुगतान ( धारा 196 ग); अादि।
स्रोत पर कर संग्रहण (टीसीएस)
स्रोत पर कर संग्रहण माल विक्रेता की ओर से होता है। यहां कर का संग्रहण आय के स्रोत पर ही किया जाता है। यह क्रेता से स्रोत पर विक्रेता द्वारा बिक्री पर संग्रह किया जाता है। ऐसा कर संग्रहण विक्रेता द्वारा खरीददार के खाते में खरीददार को देय राशि का डेबिट करते समय या क्रेता से ऐसी राशि प्राप्त करते समय जो भी पहले हो संग्रहण किया जाता है। कर संग्रहण करने वाले व्यक्ति यह विनिर्दिष्ट करते हुए प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा कि कर संग्रहण किया गया है या नहीं, कितनी राशि संग्रहित की गई है, इस पर लागू पर दर और यथा निर्धारित अन्य ऐसे विवरण। यह डेबिट की तिथि से 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाएगा या प्रस्तुत राशि की रसीद, कि किसके खाते में यह राशि डेबिट की गई या किससे यह भुगतान प्राप्त किया गया। संग्रहित कर को आयकर विभाग के खाते में यह राशि डेबिट की गई या किससे यह भुगतान प्राप्त किया गया। संग्रहित कर को आयकर विभाग के खाते में प्रेषित किया जाना है। कर संग्रहण करने वाला प्रत्येक व्यक्ति यथा निर्धारित समय के भीतर निर्धारण अधिकारी के पास कर संग्रहण खाता संख्या के आबंटन के लिए आवेदन करेगा।
निम्नलिखित वस्तुओं पर बिक्री के समय स्रोत पर कर संग्रहण किया जाएगा :-
- मानव खपत के लिए अल्कोहल लिकर (भारत निर्मित विदेशी लिकर सहित)
- वन पट्टा के अधीन प्राप्त इमारती लकड़ी
- वन पट्टा के अधीन प्राप्त इमारती लकड़ी
- इमारती लकड़ी के अलावा अन्य दूसरा वन उत्पाद।
टीडीएस/टीसीएस संबंधी बार - बार पूछे जाने वाले प्रश्न
कर कटौती और संग्रहण खाता संख्या (टीएएन)
टैन या कर कटौती और संग्रहण खाता संख्या एक 10 अंकीय वर्णात्मक संख्या है जिसको प्राप्त करने की आवश्यकता सभी व्यक्तियों को होती है जो कर कटौती करने या स्रोत पर आयकर विभाग की ओर से संग्रहण करने की आवश्यकता है उन्हें टैन के लिए आवेदन करने एवं प्राप्त करने की आवश्यकता है उन्हें टैन के लिए आवेदन करने एवं प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। टैन आय कर विभाग द्वारा टिन सुविधा केंद्रों, जिसका प्रबंधन नेशनल सिक्युरिटी डिपोजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल).द्वारा किया जाता है, को प्रस्तुत आवेदन के आधार पर आबंटित किया जाता है। एनएसडीएल टैन को सूचित करेगा जिसे सभी टीडीएस/टीसीएस संबंधी भावी पत्राचार में उल्लेख करने की आवश्यकता होगी। टैन के आबंटन के लिए आवेदन का प्रपत्र 49 ख में भरा जाना और ईटीडी विवरणी के निर्मित बने किसी टिन सुविधा केंद्र में जमा करना है। आयकर अधिनियम सभी टीडीएल/टीसीएस विवरणियों, सभी टीडीएस / टीसीएस भुगतान चालानों और सभी टीडीएस/टीसीएस जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों में इसका उल्लेख करना अनिवार्य बनाता है। टैन के लिए आवेदन न करने या अधिनियम के किसी भी प्रावधान का अनुपालन न करने से दण्ड दिया जा सकता है। टीडीएस/टीसीएस विवरणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी यदि टैन का उल्लेख न किया गया हो और टीडीएस/टीसीएस भुगतान के लिए चालान बैंकों द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
टीएएन संबंधी बार - बार पूछे जाने वाले प्रश्न |