| संपत्ति कर प्रत्यक्ष कर है जो निर्धारिती की निवल संपत्ति पर प्रभारित होता है। यह संपत्ति के स्वामित्व से व्युत्पन्न लाभ पर कर है। कर एक ही संपत्ति पर वर्षानुवर्ष इसके बाजार मूल्य पर भुगतान किया जाना है चाहे उस संपत्ति से कोई आय होती है अन्यथा नहीं। भारत में संपत्ति कर का कराधान संपत्ति कर अधिनियम, 1957 के तहत किया है। आय कर विभाग , वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के तहत संपत्ति कर अधिनियम 1956 तथा उसके अधीन बना कर संपत्ति कर नियमों का प्रशासन करता है।
अधिनियम के तहत निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा निर्धारण वर्ष के दौरान धारित संपत्ति पर कर प्रभारित किया जाता है :-
- व्यक्ति
- हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूएफ)
- कंपनी
कर की कराधेयता भी निर्धारिती की रिहायशी आकलन पर आयकर अधिनियम के प्रयोजन के लिए रिहायशी स्थिति की तरह निर्भर करता है।
उत्पादकता परिसंपत्तियों पर संपत्ति कर नहीं लगाया जाता हैं अत: शेयरों डिबेंचरों, यूटीआई, म्यूचुअल फंड आदि में निवेश को इससे छूट दी जाती है। जिन परिस्थितियों पर धन कर लगाया जाता है, वे निम्नलिखित हैं :-
- गेस्ट हाउस, आवासीय मकान, वाणिज्यिक भवन
- मोटर कार
- जेवरात, बुलियन, सोने चांदी आदि के बर्तन
- पाल, बोट और वायुयान
- शहरी भूमि
- हाथ में नकदी (50,000 रुपए तक), केवल व्यक्ति एवं हिन्दू अविभाजित परिवार के लिए
निम्नलिखित को परिसम्पत्तियों में शामिल नहीं किया जाएगा :-
- उपर्युक्त में से कोई यदि व्यापार में स्टॉक के रूप में धारित हो
- व्यापार या व्यवसाय के लिए धारित मकान
- वाणिज्यिक परिसर की प्रकृति की कोई संपत्ति
- मकान जिसे वर्ष में 300 दिन से अधिक छोड़ दिया गया।
- स्वर्ण जमा बांड
- कर्मचारी को कंपनी द्वारा या अधिकारी या पूर्णकालिक. निदेशक आबंटित अवासीय मकान (सकल वेतन अर्थात ऐसे कर्मचारी, अधिकारी, निदेशक के लिए पूर्वापेक्षा मानक कटौती के पहले को छोड़कर 5,00,000 से कम हो)।
धन कर से छूट दी जाने वाली परिसम्पत्तियां निम्नलिखित हैं :-
- न्यास के अधीन धारित संपत्ति
- एचयूएफ की संपत्ति में निर्धारिती का ब्याज जिसका वह सदस्य है।
- भूतपूर्व शासक का रिहायशी भवन
- भारतीय स्वदेश भेजे गए लोगों की परिसंपत्तियां
- व्यक्ति और हिन्दू अविभाजित परिवार निर्धारिती का एक मकान या मकान का हिस्सा या मकान का हिस्सा या भू-खण्ड जो 500 वर्ग मीटर से कम हो।
धनकर उस निवल धन पर लगाया जाता हैं जो मूल्यनिर्धारण की तारीख को होता है (निवल धन का अर्थ है ऋण को घटाकर सभी परिसंपत्तियां जो उन परिसंपत्तियों की खरीद के लिए लिया गया है। मूल्य निर्धारण की तिथि का अर्थ है निर्धारण वर्ष के तुरन्त पहले 31 मार्च) दूसरे शब्दों में मूल्य निर्धारण की तारीख को कराधेय से मिला से मिला दिया जाता है और निर्धारिती द्वारा लिए गए ऋण से घटाई जाती है। प्राप्त निवल धन पर विनिर्दिष्ट दर पर कर लगाया जाता है। धन कर @ 1 प्रतिशत की दर पर 15 लाख से अधिक राशि पर लगाया जाता है। |